Amar Ujala Samvad: उच्च शिक्षा से जुड़े मिथकों पर हुई चर्चा, जानिए क्या बोले एआईसीटीई के सदस्य सचिव
Amar Ujala Samvad: अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के 'रोशन राहें' सत्र में एआईसीटीई के सचिव सदस्य प्रो राजीव कुमार, उत्तराखंड के उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगौली और प्रो-चांसलर, ग्राफिक एरा प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात की।
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Amar Ujala Samvad: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे अमर उजाला के कार्यक्रम संवाद में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ शामिल हुए। इनमें अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार, राज्य के सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगौली और प्रो-चांसलर, ग्राफिक एरा प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार शर्मा जैसे दिग्गज शामिल हैं।
शैलेश बगौली बताई सरकार की तैयारी
उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग सचिव शैलेश बगौली ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को रोजगार उन्मुख करने पर ध्यान दिया जा रहा है। कोविड के बाद से सत्र रेगुलर नहीं रहे सके और कई तरह की बाधाएं, समस्याएं आईं। राज्य सरकार सत्र को रेगुलर करने पर काम किया। उन्होंने बताया कि सरकार शोध और विकास पर काम कर रही है।
पीएचडी के छात्रों को बढ़ावा और आर्थिक मदद के लिए सरकार उन्हें छात्रवृत्ति देने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।
शैलेश बगौली पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। वह 2002 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। राज्य के सचिव, उच्च शिक्षा विभाग बनने से पहले वह उत्तराखंड के गृह सचिव भी रह चुके हैं।
उच्च शिक्षा से जुड़े मिथकों पर क्या बोले राजीव कुमार
एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार ने छात्रों और अभिभावकों में उच्च शिक्षा से जुड़े मिथकों पर बात करते हुए बताया कि देश में कुल पंजीकरण की दर 28 फीसदी है। शिक्षा नीति में प्रावधान है कि इसे आने वाले समय में 50 फीसदी पर लेकर जाया जाए। शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति करने की दिशा सरकार कार्यरत है, इसी क्रम में सरकार ने एक नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क जारी किया है।
नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के गिनाए फायदे
नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क में लेवलिंग का फायदे गिनाते हुए उन्होंने बताया कि इसकी मदद से वॉकेशनल वाले छात्र को मेन स्ट्रीम शिक्षा में आ सकता है, साथ ही यह छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आने में मददगार है। छात्र स्पोर्ट्स जैसी एक्टिविटी के साथ भी उच्च शिक्षा की पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
स्किल और एजुकेशन को साथ लेकर कैसे चलें?
प्रो राजीव कुमार ने बताया कि एनईपी छात्रों को मौका देता है कि किसी भी कोर्स में 50 फीसदी कोर्स स्किल्स के हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देशभर की छोटी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर टाईअप किया है। इसके साथ ही अन्य दिशाओं में काम चल रहा है।
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