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अजब संयोग: पिता ने 43 की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा, लेकिन बेटा हुआ फेल, यहां पढ़ें पूरी कहानी
Sun, 19 Jun 2022 04:46 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Sun, 19 Jun 2022 04:46 PM IST
सार
भास्कर ने कक्षा सातवीं तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह अपने परिवार को संभालने के लिए नौकरी करने लगे थे।
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Maharashtra Board Exams 2022
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
महाराष्ट्र बोर्ड की ओर से दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा, 2022 के परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इस परीक्षा में पुणे के रहने वाले 43 वर्षीय भास्कर वाघमरे ने सफलता प्राप्त की है। हालांकि, उनके और परिवार की खुशी को झटका इस बात से लगा कि इसी परीक्षा में उनके बेटे को विफलता हाथ लगी है। बता दें कि महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के परिणाम बीते शुक्रवार को जारी किए गए हैं।
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सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ी
भास्कर ने कक्षा सातवीं तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह अपने परिवार को संभालने के लिए नौकरी करने लगे थे। करीब 30 साल बाद उन्होंने दसवीं कक्षा की परीक्षा में भाग लिया और इसमें सफलता प्राप्त की है। उनके बेटे भी इसी साल परीक्षा में शामिल हुए लेकिन विफल रहे। वह पुणे शहर में बाबासाहेब अंबेडकर डायस प्लॉट के निवासी हैं।
भास्कर ने कक्षा सातवीं तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह अपने परिवार को संभालने के लिए नौकरी करने लगे थे। करीब 30 साल बाद उन्होंने दसवीं कक्षा की परीक्षा में भाग लिया और इसमें सफलता प्राप्त की है। उनके बेटे भी इसी साल परीक्षा में शामिल हुए लेकिन विफल रहे। वह पुणे शहर में बाबासाहेब अंबेडकर डायस प्लॉट के निवासी हैं।
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हमेशा से अधिक पढ़ना चाहते थे
इस मौके पर भास्कर ने बताया कि वह हमेशा से अधिक पढ़ना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और आजीविका चलाने के कारण पहले ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कुछ समय से वह पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए उत्सुक थे। उनका मानना है कि इससे उन्हें अधिक कमाई करने में मदद मिलेगी। इसलिए, उन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में बैठने का फैसला किया था। उनके बेटे भी इस साल परीक्षा दे रहे थें, इससे उन्हें मदद मिली। वाघमारे ने बताया कि वह हर दिन पढ़ाई करते थे और काम के बाद परीक्षा की तैयारी करते थे।
इस मौके पर भास्कर ने बताया कि वह हमेशा से अधिक पढ़ना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और आजीविका चलाने के कारण पहले ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कुछ समय से वह पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए उत्सुक थे। उनका मानना है कि इससे उन्हें अधिक कमाई करने में मदद मिलेगी। इसलिए, उन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में बैठने का फैसला किया था। उनके बेटे भी इस साल परीक्षा दे रहे थें, इससे उन्हें मदद मिली। वाघमारे ने बताया कि वह हर दिन पढ़ाई करते थे और काम के बाद परीक्षा की तैयारी करते थे।
बेटे के बारे में क्या बोले?
वाघमरे ने आगे बताया कि वह परीक्षा पास करके खुश है, लेकिन उसे इस बात का दुख है कि उसका बेटा दो पेपर में फेल हो गया। उन्होंने कहा कि वह पूरक परीक्षा में अपने बेटे का सपोर्ट करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा परीक्षा पास कर लेगा। उनके बेटे साहिल ने कहा - मुझे खुशी है कि मेरे पिता ने वह किया जो वह हमेशा से करना चाहते थे। लेकिन, मैं भी हार नहीं मानूंगा। मैं पूरक परीक्षा की तैयारी करूंगा और परीक्षा पास करने की कोशिश करूंगा।
वाघमरे ने आगे बताया कि वह परीक्षा पास करके खुश है, लेकिन उसे इस बात का दुख है कि उसका बेटा दो पेपर में फेल हो गया। उन्होंने कहा कि वह पूरक परीक्षा में अपने बेटे का सपोर्ट करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा परीक्षा पास कर लेगा। उनके बेटे साहिल ने कहा - मुझे खुशी है कि मेरे पिता ने वह किया जो वह हमेशा से करना चाहते थे। लेकिन, मैं भी हार नहीं मानूंगा। मैं पूरक परीक्षा की तैयारी करूंगा और परीक्षा पास करने की कोशिश करूंगा।
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