{"_id":"30003cf957bcc2b2486d0d721090164d","slug":"kullu-arrived-to-see-dev-culture-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देव संस्कृति से रूबरू होने पहुंचे कुल्लू ","category":{"title":"Dropped","title_hn":"Dropped","slug":"dropped"}}
देव संस्कृति से रूबरू होने पहुंचे कुल्लू
ब्यूरो/ अमर उजाला,कुल्लू
Updated Sat, 16 Aug 2014 06:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में इस पूरे सप्ताह देव संस्कृति के कई रंग देखने को मिलेंगे। कुल्लू जिला के अधिष्ठाता देव खुडीजल का देवता मेला देश विदेश के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वीरवार को देवविधि अनुसार निकली देवता खुडीजल की भव्य रथयात्रा के साथ ही मेला आरंभ हो गया।
विज्ञापन
साथ ही देवता खौला की भी रथयात्रा निकली। ढोल-नगाड़ों, करनाल तथा शहनाइयों की मधुर स्वर लहरियों से पूरी रघुपुरघाटी देवमय हो उठी। 20 अगस्त को मेले का समापन होगा। इस मेले में घाटी के दूरदराज क्षेत्रों के लोग भाग लेकर देवता से सुख स्मृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं।
विज्ञापन
वीरवार को मेले के पहले दिन मंदिर परिसर में ध्वजारोहण मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। करीब दो घंटे तक चले इस भव्य देव नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। देवता खुडीजल समेत अन्य देवी-देवताओं के दर्जनभर गूरों ने देवखेल के माध्यम से जंगल से लाए एक विशाल पेड़ को मेला स्थल पर खड़ा किया।
विज्ञापन
देवता खुडीजल के आदेशानुसार इस बार पेड़ लाने की प्रथा को गांव करशाला के ग्रामीणों ने बखूबी निभाया। । खुडीजल के कारदार शेर सिंह, कुल पुरोहित फौजी लाल शर्मा, पुजारी पूर्ण शर्मा, कायथ किशन ठाकुर ने कहा कि देवता खुडीजल का देवता मेला शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि मेले के पहले दिन ध्वजारोहण मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। इस दिन कई लोगों ने मेले में शिरकत की। उधर, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कुल्लू इकाई के अध्यक्ष सेस राज आजाद ने कहा कि देवता खुडीजल मेले का नजारा देखने लायक है। मेले में लोग दूर-दूर से भाग लेने पहुंचते हैं।