{"_id":"575c6ae60a66de6be35f98df42eb0fa1","slug":"justice-mudgal-panel-files-probe-report-in-sc-on-ipl-betting-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुद्गल समिति ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी ","category":{"title":"Dropped","title_hn":"Dropped","slug":"dropped"}}
मुद्गल समिति ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी
Mon, 20 Jul 2020 12:50 PM IST
Anonymous User
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली
Published by: Anonymous User
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में आईसीसी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और 12 खिलाड़ियों के खिलाफ जांच के लिए गठित मुद्गल समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी। समिति की तरफ से एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट जस्टिस टीएस ठाकुर की खंडपीठ को सौंपी। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होनी है। इससे पहले जांच कर्ताओं की बुधवार और बृहस्पतिवार को चेन्नई में बैठक हुई।
न्यायालय ने मई में अपनी समिति द्वारा जांच करने के बीसीसीआई के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और मामले की जांच जस्टिस मुकुल मुद्गल समिति को सौंपी थी। मुद्गल समिति ने इससे पहले भी अपनी जांच की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी थी, जिसमें श्रीनिवासन और 12 खिलाड़ियों के नामों का जिक्र किया गया था। समिति ने गत 20 अगस्त को एक बयान में कहा था कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के लिए उसका विदेश जाने का कोई इरादा नहीं है। टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड में सीरीज खेल रही है और समिति का कहना था कि इस दौरान खिलाड़ियों के साथ बातचीत से उनका ध्यान भंग हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि आईपीएल के 2013 संस्करण में दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों शांतकुमारन श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद एन श्रीनिवासन और अभिनेता विंदू दारा सिंह को सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तार किया था। अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग की जांच के लिए न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल की अगुआई में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में जस्टिस मुद्गल के अलावा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एल नागेश्वर राव और एडवोकेट निलय दत्ता बतौर सदस्य हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैनल को यह कहा गया था कि वह अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अगस्त के अंत तक सौंप दे।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायालय ने मई में अपनी समिति द्वारा जांच करने के बीसीसीआई के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और मामले की जांच जस्टिस मुकुल मुद्गल समिति को सौंपी थी। मुद्गल समिति ने इससे पहले भी अपनी जांच की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी थी, जिसमें श्रीनिवासन और 12 खिलाड़ियों के नामों का जिक्र किया गया था। समिति ने गत 20 अगस्त को एक बयान में कहा था कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के लिए उसका विदेश जाने का कोई इरादा नहीं है। टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड में सीरीज खेल रही है और समिति का कहना था कि इस दौरान खिलाड़ियों के साथ बातचीत से उनका ध्यान भंग हो सकता है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि आईपीएल के 2013 संस्करण में दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों शांतकुमारन श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद एन श्रीनिवासन और अभिनेता विंदू दारा सिंह को सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तार किया था। अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग की जांच के लिए न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल की अगुआई में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में जस्टिस मुद्गल के अलावा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एल नागेश्वर राव और एडवोकेट निलय दत्ता बतौर सदस्य हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैनल को यह कहा गया था कि वह अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अगस्त के अंत तक सौंप दे।
विज्ञापन