{"_id":"6a3fdcca3a4f60f3600453d9","slug":"using-earphones-at-high-volume-can-prove-costly-ashram-news-c-340-1-del1004-142971-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: तेज आवाज में ईयरफोन का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: तेज आवाज में ईयरफोन का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हो सकती हैं कानों में घंटी बजना, कान दर्द और सुनाई कम देने जैसी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन मीटिंग के बढ़ते चलन के साथ वायर्ड और वायरलेस ईयरफोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कई लोगों का मानना है कि वायरलेस ईयरबड्स, वायर्ड ईयरफोन की तुलना में ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि केवल वायरलेस होने की वजह से ईयरबड्स अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। असली खतरा तेज आवाज में और लंबे समय तक लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल करने से होता है।
लंबे समय तक हाई वॉल्यूम पर ऑडियो सुनने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कानों में घंटी बजना (टिनिटस), कान दर्द और सुनाई कम देने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि ईयरबड्स की सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो कान में संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्वामी दयानंद अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉ. अजय ने कहा कि कोशिश करें कि आवाज मध्यम स्तर पर रखें, बीच-बीच में ब्रेक लें और यदि कानों में सीटी बजना, दर्द या सुनाई कम देने जैसी समस्या हो तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं।
विज्ञापन
कानों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
-लगातार 60 मिनट से अधिक ईयरफोन का इस्तेमाल न करें।
-आवाज को अधिक तेज न रखें।
-ईयरबड्स की नियमित सफाई करें और उन्हें साझा करने से बचें।
-कानों में दर्द, सीटी बजना या सुनाई कम देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
-शोरगुल वाली जगह पर वॉल्यूम बहुत अधिक बढ़ाने से बचें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन मीटिंग के बढ़ते चलन के साथ वायर्ड और वायरलेस ईयरफोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कई लोगों का मानना है कि वायरलेस ईयरबड्स, वायर्ड ईयरफोन की तुलना में ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि केवल वायरलेस होने की वजह से ईयरबड्स अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। असली खतरा तेज आवाज में और लंबे समय तक लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल करने से होता है।
लंबे समय तक हाई वॉल्यूम पर ऑडियो सुनने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कानों में घंटी बजना (टिनिटस), कान दर्द और सुनाई कम देने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि ईयरबड्स की सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो कान में संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
विज्ञापन
स्वामी दयानंद अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉ. अजय ने कहा कि कोशिश करें कि आवाज मध्यम स्तर पर रखें, बीच-बीच में ब्रेक लें और यदि कानों में सीटी बजना, दर्द या सुनाई कम देने जैसी समस्या हो तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं।
विज्ञापन
कानों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
-लगातार 60 मिनट से अधिक ईयरफोन का इस्तेमाल न करें।
-आवाज को अधिक तेज न रखें।
-ईयरबड्स की नियमित सफाई करें और उन्हें साझा करने से बचें।
-कानों में दर्द, सीटी बजना या सुनाई कम देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
-शोरगुल वाली जगह पर वॉल्यूम बहुत अधिक बढ़ाने से बचें।