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जबरन राष्ट्रगान गंवाने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों की पहचान
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नई दिल्ली। पिछले साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान पांच युवकों से कथित तौर पर जबरन राष्ट्रगान सुनाने को कहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन पुलिसकर्मियों की पहचान का दावा किया है। दंगों के दौरान एक वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले की जांच शुरू की गई थी।
मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव यूनिट बनाई गई थी। उसने 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। दंगों के दौरान बाहर से लाकर तैनात किए गए पुलिसकर्मियों के ड्यूटी चार्ट खंगाले गए और तमाम दस्तावेज को स्कैन किया। कई तथ्यों की पूरी बारीकी से जांच दी गई। करीब 17 महीने की जांच के बाद अब जाकर पुलिसकर्मियों की पहचान हुई है। अब पुलिस इनका लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कोई बयान दिया जाएगा।
इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर दो दिन हिरासत में रखकर पिटाई का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने जब पुलिसकर्मियों की पहचान के बारे में सवाल किया था तो दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया था कि 24 फरवरी से 4 मार्च 2020 के बीच ज्योति नगर पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे खराब थे, इसलिए आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं हो पा रही है। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद तीन पुलिसकर्मियों की पहचान हो गई है।
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यह था मामला
दिल्ली पुलिस पर पिछले साल हुए दंगों के दौरान कथित तौर पर पांच घायल युवकों से राष्ट्रगान गंवाने का आरोप लगा था। इससे संबंधित वीडियो वायरल होने पर इस मामले ने तूल पकड़ा था। वायरल वीडियो में तीन पुलिसकर्मी राष्ट्रगान गंवाते नजर आ रहे थे।
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मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव यूनिट बनाई गई थी। उसने 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। दंगों के दौरान बाहर से लाकर तैनात किए गए पुलिसकर्मियों के ड्यूटी चार्ट खंगाले गए और तमाम दस्तावेज को स्कैन किया। कई तथ्यों की पूरी बारीकी से जांच दी गई। करीब 17 महीने की जांच के बाद अब जाकर पुलिसकर्मियों की पहचान हुई है। अब पुलिस इनका लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कोई बयान दिया जाएगा।
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इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर दो दिन हिरासत में रखकर पिटाई का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने जब पुलिसकर्मियों की पहचान के बारे में सवाल किया था तो दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया था कि 24 फरवरी से 4 मार्च 2020 के बीच ज्योति नगर पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे खराब थे, इसलिए आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं हो पा रही है। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद तीन पुलिसकर्मियों की पहचान हो गई है।
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यह था मामला
दिल्ली पुलिस पर पिछले साल हुए दंगों के दौरान कथित तौर पर पांच घायल युवकों से राष्ट्रगान गंवाने का आरोप लगा था। इससे संबंधित वीडियो वायरल होने पर इस मामले ने तूल पकड़ा था। वायरल वीडियो में तीन पुलिसकर्मी राष्ट्रगान गंवाते नजर आ रहे थे।