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Rain Alert : दिल्ली-एनसीआर को अभी राहत नहीं, दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, जलभराव से बढ़ेगी मुसीबत
Thu, 27 Jul 2023 02:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 27 Jul 2023 02:28 AM IST
सार
मौसम विभाग ने 27 और 28 जुलाई को इन इलाकों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली समेत आसपास के इलाकों को अभी अगले दो दिन भारी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जुलाई को इन इलाकों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले दो दिन से जारी बारिश के चलते पहले ही गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के निचले इलाकों में जलभराव का स्थिति बनी बनी हुई है। हालांकि, यमुना और हिंडन नदी के जल स्तर में कमी से बाढ़ में घिरे लोगों को कुछ राहत मिली है।
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दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से नीचे 205.09 मीटर पर आ गया, लेकिन बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में नदी वाले क्षेत्रों में हुई बारिश से जलस्तर में फिर वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग इलाके में सुबह साढ़े आठ बजे 37.1 मिमी और मयूर विहार इलाके में 110.50 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में चल रहे राहत कार्यों के भी प्रभावित होने का डर है। चार दशक बाद राजधानी में आई भीषण बाढ़ की वजह से 27,000 को उनके घरों से सुरक्षित जगहों पर भेजा गया था। इनमें से कुछ लोग वापस लौटे है, लेकिन यमुना के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण अभी बहुत ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
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करहेड़ा में दूसरे दिन भी कम हुआ पानी
गाजियाबाद के आपदा नियंत्रण अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि हिंडन नदी के जलस्तर में बुधवार को एक से डेढ़ फुट की कमी आई। इससे नदी किनारे की करहेड़ा कॉलोनी और सिटी फोरेस्ट इलाके में भी पानी कम हुआ, पर अभी लोगों को बाढ़ से पूरी तरह से राहत नहीं मिली है। हालांकि, कान्हा उपवन की गोशाला से पानी पूरी तरह से निकल गया लेकिन अभी उसके रास्ते और उसके आसपास चार पांच फुट पानी भरा हुआ है। नागद्वार और पृथ्वीराज गेट से शिवचौक तक पानी एक दो फुट है लेकिन शिवचौक से लेकर महादेव चौराहे के बीच में पानी का स्तर चार फुट से ज्यादा है। वहीं नागद्वार गेट के मुख्यद्वार पर बुधवार को पानी भरा होने से जलभराव रहा। बलेनी गेज पर हिंडन का जलस्तर 209.55 दर्ज किया गया, जबकि हिंडन बैराज पर जलस्तर 201.15 रहा और बैराज पर अधिकतम प्रति सेकेंड 26 हजार क्यूसेक पानी प्राप्त हुआ।
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आगरा में यमुना खतरे के निशान से ऊपर
आगरा में यमुना का जल स्तर फिर खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर चला गया है। इससे कई घाट पानी में डूब गए हैं। नरौरा से बैराज से पानी छोड़ जाने के बाद कासगंज में गंगा में पानी बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जिले के कई इलाकों में तेज बारिश से भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। अलगीढ़ में भी यमुना और गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है, जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। बिजनौर में भी गंगा का जल स्तर कम नहीं हुआ है। गंगा का पानी जलीलपुर क्षेत्र के गांवों में घुसने लगा है।
पहाड़ों पर बादल फटा, तो तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश
पहाड़ी राज्यों में बादल फटने की घटनाएं नहीं थम रही हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला में दो जगह बादल फटने से एक स्कूल समेत पांच आवास बह गए हैं। नेशनल हाईवे पर भी भारी बारिश से मलबा आने से यातायात ठप हुआ है। इसके अलावा महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश व कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्पब्यस्त हो गया है। झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है और अभी अगले दो दिन इसके जारी रहने का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जताया है।