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जहरीली त्रासदी : 9 घंटे बाद निकाले जा सके सीवर से चारों शव, कर्मियों के पास नहीं थे सुरक्षा उपकरण 

Thu, 31 Mar 2022 05:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 31 Mar 2022 05:03 AM IST
सार

रास्ता संकरा होने और भीतर जहरीली गैस होने के कारण बचाव कार्य में आई दिक्कत।

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The four bodies were removed from the sewer after 9 hours
सीवर में दम घुटने से चार लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समयपुर बादली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार शाम एमटीएनएल केबल की मरम्मत करने सीवर में उतरे तीन कर्मियों समेत चार लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत हो गई। लगभग पूरी रात चले बचाव अभियान में दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने 9 घंटे बाद सभी के शव सीवर से निकाले। 

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मृतकों में केबल की मरम्मत करवाने वाला कांट्रेक्टर सूरज कुमार सहानी (55), दो सहयोगी बच्चू सिंह (54), पिंटू राउत (30) और ई-रिक्शा चालक सतीश कुमार (40) है। समयपुर बादली थाना पुलिस छानबीन में जुटी है। पुलिस ने बुधवार को बाबू जग जीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार के हवाले कर दिए हैं। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल और स्थानीय पुलिस की टीम छानबीन कर रही है। सतीश मूलरूप से पलवल के डकोरा का निवासी था।
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बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि तिलक नगर के प्रेम नगर में रहने वाला सूरज सिंह सहानी एमटीएनएल केबल की रखरखाव का ठेका लेता था। बच्चू सिंह और पिंटू इसके पास हेल्पर का काम करते थे। मंगलवार को सूरज दोनों को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सर्विस ड्रेन (सरकारी केबल वाली सीवर लाइन) में केबल की मरम्मत कराने के लिए ले गया था। 10 फुट गहरी सीवर लाइन में एमटीएनएल की केबल के अलावा बिजली की भी कई केबल थीं। सर्विस ड्रेन में पानी भी था। 
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शाम करीब 4.45 बजे सूरज ने पहले बच्चू और पिंटू को अंदर उतारा, लेकिन नीचे पहुंचते ही दोनों दम घुटने की बात कर चिल्लाने लगे। फौरन सूरज भी नीचे उतरा, लेकिन वह भी अंदर फंस गया। इस बीच लोगों की भीड़ जुट गई। वहां से ई-रिक्शा लेकर गुजर रहे सतीश ने शोर-शराबे के बीच लोगों को खड़े देखा। सतीश ने सीवर में झांककर देखा तो अंदर फंसे तीनों लोग छटपटा रहे थे। सतीश तीनों को बचाने के लिए सीवर में उतर गया, लेकिन दम घुटने से वह भी अचेत हो गया। 

पुलिस व दमकल विभाग ने निगम से मदद मांगी : शाम करीब 6.25 बजे मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। फौरन बचाव दल पहुंच गया। सीवर में नीचे उतरने का रास्ता बेहद संकरा था। नीचे बेहद जहरीली गैसों का मिश्रण मौजूद था, इसलिए बगैर मास्क और सिलिंडर के उतरना संभव नहीं था। पुलिस व दमकल विभाग ने नगर निगम से मदद मांगी, जिसके बाद पहले एक जेसीबी को बुलाया गया। 

सीवर के रास्ते को चौड़ा करने का प्रयास किया गया, लेकिन इससे बात नहीं बनी तो दूसरी हैमर वाली मशीन मंगाई गई।उससे सीवर के रास्ते को चौड़ा किया गया। करीब 8.30 बजे एनडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य के लिए पहुंच गई। देर रात 12 बजे एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीम ने सबसे पहले सतीश के शव को बाहर निकाला। इसके बाद एक-एक कर 3.15 बजे तक सभी शवों को सीवर से निकाल लिया गया।

सीवर में उतरे कर्मचारियों के पास नहीं थे सुरक्षा उपकरण
सीवर लाइन में हाइड्रोजन सल्फाइड, अमोनिया, मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड आदि गैस बनती हैं। ये गैस स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती हैं। एक बार यह गैस सांस के साथ फेफड़ों में जाती है तो इसके तुरंत ही बेहोशी छा जाती है। कई बार इन गैस की वजह से विस्फोट भी हो जाता है, इसलिए सीवर में उन्हीं कर्मियों को उतरना चाहिए जिन्होंने प्रशिक्षण लिया हो। 

साथ ही उनके पास व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण हों जिसमें जल प्रतिरोधी दस्ताने, जूते, आई गियर आदि शामिल हैं। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां सीवर की सफाई के लिए सरकार ने छोटी-छोटी मशीनें लगा रखी हैं। मंगलवार को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सीवर में उतरे कर्मचारियों के पास किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण नहीं थे। ऐसे में गैस की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई।

मौतों के लिए जिम्मेदार कौन, पुलिस लगा रही पता
संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में हुई मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। जिन अधिकारियों ने एमटीएनएल की केबल के रखरखाव का ठेका सूरज को दिया हुआ था, क्या उन्होंने बचाव के लिए कोई उपकरण इनको दिए हुए थे या नहीं। क्या सूरज की जिम्मेदारी थी कि वह अपने कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए। पुलिस इन सबका पता लगाने का प्रयास कर रही है। 

इन चार मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने बुधवार देर शाम तक इस संबंध में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया था। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी अज्ञात पर ही लापरवाही का केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है


पहले भी हुए हादसे...

  • 23 मार्च 2022 : तुगलक रोड इलाके में एमटीएनएल की केबल चोरी करने सीवर में घुसे दो युवकों की मौत, युवकों के बेहोश होने के बाद दोस्त सीवर का ढक्कन बंद कर फरार हो गया था।
  • 26 मार्च 2021 : पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज औद्योगिक थाना इलाके के पर्ल ग्रैंड बैंक्वेट हॉल में सीवर में सफाई के दौरान दो लोगों की मौत। 
  • 3 फरवरी 2020 : कड़कड़डूमा इलाके में सीवर की सफाई के लिए उतरे एक कर्मी की मौत।
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