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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ज्ञान खंगाल रहे छात्र
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नई दिल्ली। पिछले एक साल से कोविड-19 के कारण स्कूल बंद होने के कारण छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं। ऑनलाइन कक्षाएं तो लग रही हैं लेकिन छात्र उससे संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और उनके अभिभावकों को इंटरनेट पर उपलब्ध ऑनलाइन क्लासेज के भंडार जैसे बायजूस, वेदांतु और अनएकेडमी जैसे विकल्प काफी लुभा रहे हैं। ये विकल्प छात्रों को अपने से जोड़ने के लिए फ्री ट्रायल क्लास व सबस्क्रिपशन का विकल्प भी उपलब्ध करा रहे हैं।
दिल्ली समेत देशभर ने पिछले एक साल में लॉकडाउन की त्रासदी झेली है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों पर देखने को मिला है। वे स्कूल तो जा नहीं रहे, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि छात्र इंटरनेट पर काफी सक्रिय रहते हैं, इसलिए उन्हें एप के माध्यम से ली जा रही यह कक्षाएं काफी पसंद आ रही हैं। खासकर जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग का सहारा लेते हैं, वह भी इन एप पर काफी सक्रिय हैं।
इंटरनेट पर इन दिनों कई ऑनलाइन शिक्षा एप उपलब्ध हैं। इनमें बायजूस, वेदांतु और अनएकेडमी और टॉपर जैसे एप छात्रों को खास तौर पर पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा कई लोकल ट्यूशन टीचर्स भी ऑनलाइन एप के माध्यम से छात्रों को अपने यहां पढ़ाई के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
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शिक्षक रुचि जैन बताती हैं कि उनका बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है। ऐसे में वह वेदांतु, बायजूस, अनएकेडमी तीनों पर काफी सक्रिय है। इन जगह से वह ऑनलाइन अपलोड किए गए नोट्स का लाभ ले रहा है। वह कहती हैं कि कुछ एप का सबस्क्रिपशन मंहगा है लिहाजा वह केवल नोट्स ही इस्तेमाल करता है। इसका लाभ उन्हें यह भी मिल रहा है कि उन्हें दस साल के पेपर की प्रैक्टिस करने के लिए भी मिल जाती है। यहां से मिलने वाले नोट्स से उनके बेटे की जेईई की तैयारी आसानी से हो जाती है। एक अन्य अभिभावक अजय वर्मा बताते हैं कि उनका बेटा सातवीं कक्षा में है। कोरोना के कारण फिजिकल ट्यूशन हो नहीं पा रही थी तो उन्होंने बेटे के लिए बॉयजूस का सहारा लिया है। कोरोना काल में इस तरह से ट्यूशन के साथ पढ़ाई हो पा रही है। इस एप आधारित कोचिंग से उनका बेटा आगे के लिए भी तैयार हो रहा है।
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दिल्ली समेत देशभर ने पिछले एक साल में लॉकडाउन की त्रासदी झेली है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों पर देखने को मिला है। वे स्कूल तो जा नहीं रहे, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि छात्र इंटरनेट पर काफी सक्रिय रहते हैं, इसलिए उन्हें एप के माध्यम से ली जा रही यह कक्षाएं काफी पसंद आ रही हैं। खासकर जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग का सहारा लेते हैं, वह भी इन एप पर काफी सक्रिय हैं।
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इंटरनेट पर इन दिनों कई ऑनलाइन शिक्षा एप उपलब्ध हैं। इनमें बायजूस, वेदांतु और अनएकेडमी और टॉपर जैसे एप छात्रों को खास तौर पर पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा कई लोकल ट्यूशन टीचर्स भी ऑनलाइन एप के माध्यम से छात्रों को अपने यहां पढ़ाई के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
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शिक्षक रुचि जैन बताती हैं कि उनका बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है। ऐसे में वह वेदांतु, बायजूस, अनएकेडमी तीनों पर काफी सक्रिय है। इन जगह से वह ऑनलाइन अपलोड किए गए नोट्स का लाभ ले रहा है। वह कहती हैं कि कुछ एप का सबस्क्रिपशन मंहगा है लिहाजा वह केवल नोट्स ही इस्तेमाल करता है। इसका लाभ उन्हें यह भी मिल रहा है कि उन्हें दस साल के पेपर की प्रैक्टिस करने के लिए भी मिल जाती है। यहां से मिलने वाले नोट्स से उनके बेटे की जेईई की तैयारी आसानी से हो जाती है। एक अन्य अभिभावक अजय वर्मा बताते हैं कि उनका बेटा सातवीं कक्षा में है। कोरोना के कारण फिजिकल ट्यूशन हो नहीं पा रही थी तो उन्होंने बेटे के लिए बॉयजूस का सहारा लिया है। कोरोना काल में इस तरह से ट्यूशन के साथ पढ़ाई हो पा रही है। इस एप आधारित कोचिंग से उनका बेटा आगे के लिए भी तैयार हो रहा है।