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एक ही मोबाइल में तीन व्हाट्स एप अकाउंट चलाता था जासूस
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नई दिल्ली। यह बात शायद देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी पता नहीं थी कि एक ही मोबाइल पर एक ही नंबर पर तीन व्हाट्स एप अकाउंट चलाए जा सकते हैं। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हरपाल सिंह (35) के मोबाइल से इसका खुलासा हुआ है। उसने यह करतूत आईएसआई के हैंडलर से सीखी है। इस बात के भी पक्के सबूत मिल गए हैं कि हरपाल पाकिस्तान से मंगाकर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी करता था।
खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरपाल सिंह अभी पंजाब का एक नंबर चला रहा था। उसने यह नंबर अपने गांव के पते पर ही लिया हुआ है। इस नंबर पर मोबाइल पर वह तीन व्हाट्स एप चला रहा था। नार्मल और बिजनेस के अलावा वह तीसरा जीबी व्हाट्स एप चला रहा था। इस व्हाट्स एप से वह अपने मोबाइल से गुप्त सूचनाएं डिलीट कर देता था।
इस व्हाटस एप एकाउंट की खासियत यह है कि इसके मोबाइल से तो चैट डिलीट हो जाती थी, मगर जिसे भेजी गई थी, उसके मोबाइल में मौजूद रहती थी। इस व्हाट्स एप एकाउंट में समय और तारीख को मनचाहा बदलने की भी सुविधा है। यानी वह आज बैठकर कुछ महीने पीछे की तारीख व समय भी डाल सकता था।
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जीबी व्हाट्स एप पर चैट को डिटेक्ट करना असंभव होता है। हरपाल ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वह तीसरा व्हाट्स एप चलाता था, एजेंसियों को इसकी भनक लगी। हरपाल सिंह ने बताया कि जीबी व्हाट्स एप चलाना उसे हैंडलर जसपाल सिंह ने सिखाया था। इसी व्हाट्स एप से वह संवेदनशील और खुफिया जानकारी हैंडलर जसपाल को भेज रहा था।
वह जासूसी के लिए अपने गांव वाले सिम के अलावा दो विदेशी सिम भी इस्तेमाल कर रहा था। हरपाल सिंह ड्रग्स भी सप्लाई करता था। पंजाब पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि वह पंजाब के पट्टी एरिया से ड्रग्स पाकिस्तान से मंगाता था। इसके बाद उन्हें देश में सप्लाई करता था।
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खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरपाल सिंह अभी पंजाब का एक नंबर चला रहा था। उसने यह नंबर अपने गांव के पते पर ही लिया हुआ है। इस नंबर पर मोबाइल पर वह तीन व्हाट्स एप चला रहा था। नार्मल और बिजनेस के अलावा वह तीसरा जीबी व्हाट्स एप चला रहा था। इस व्हाट्स एप से वह अपने मोबाइल से गुप्त सूचनाएं डिलीट कर देता था।
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इस व्हाटस एप एकाउंट की खासियत यह है कि इसके मोबाइल से तो चैट डिलीट हो जाती थी, मगर जिसे भेजी गई थी, उसके मोबाइल में मौजूद रहती थी। इस व्हाट्स एप एकाउंट में समय और तारीख को मनचाहा बदलने की भी सुविधा है। यानी वह आज बैठकर कुछ महीने पीछे की तारीख व समय भी डाल सकता था।
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जीबी व्हाट्स एप पर चैट को डिटेक्ट करना असंभव होता है। हरपाल ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वह तीसरा व्हाट्स एप चलाता था, एजेंसियों को इसकी भनक लगी। हरपाल सिंह ने बताया कि जीबी व्हाट्स एप चलाना उसे हैंडलर जसपाल सिंह ने सिखाया था। इसी व्हाट्स एप से वह संवेदनशील और खुफिया जानकारी हैंडलर जसपाल को भेज रहा था।
वह जासूसी के लिए अपने गांव वाले सिम के अलावा दो विदेशी सिम भी इस्तेमाल कर रहा था। हरपाल सिंह ड्रग्स भी सप्लाई करता था। पंजाब पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि वह पंजाब के पट्टी एरिया से ड्रग्स पाकिस्तान से मंगाता था। इसके बाद उन्हें देश में सप्लाई करता था।