दिल्ली : रमजान में निजामुद्दीन मरकज खोलने पर पुलिस की सहमति, पर शर्तों के साथ
दिल्ली पुलिस ने कहा कि मरकज प्रबंधन को प्रवेश और निकास गेट के अलावा हर मंजिल की सीढ़ियों पर दोबारा सीसीटीवी लगाने को कहा गया है। पुलिस ने प्रबंधन को आदेश दिया है कि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए जारी नियमों को प्रवेश द्वार के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए।
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दिल्ली पुलिस ने रमजान के महीने में निजामुद्दीन मरकज में बनी मस्जिद खोलने पर सहमति प्रदान कर दी है। पुलिस ने हाईकोर्ट के समक्ष पेश जवाब में कहा कि प्रबंधकों को शब-ए-बरात के लिए 16 मार्च को अदालत की ओर से तय किए गए नियमों और शर्तों को मानना होगा।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि मरकज प्रबंधन को प्रवेश और निकास गेट के अलावा हर मंजिल की सीढ़ियों पर दोबारा सीसीटीवी लगाने को कहा गया है। पुलिस ने प्रबंधन को आदेश दिया है कि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए जारी नियमों को प्रवेश द्वार के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए।
कोरोना नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर करीब दो साल तक बंद रहे मरकज को हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर को शब-ए-बरात पर श्रद्धालुओं की संख्या पर लगी सीमा को हटा दिया था। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि हर मंजिल पर अधिकतम 100 लोग ही मौजूद रह सकते हैं। वक्फ ने नियमों में ढील की मांग की है।
उच्च न्यायालय ने 16 मार्च को दिए आदेश में शब-ए-बरात के मद्देनजर निजामुद्दीन मरकज में मस्जिद को फिर से खोलने की अनुमति प्रदान कर दी थी। अदालत ने इसके लिए मस्जिद प्रशासन को कई शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने याचिकाकर्ता को रमजान के लिए भी मस्जिद खोलने के लिए थानाध्यक्ष के समक्ष नए सिरे से आवेदन करने को कहा गया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने शब-ए-बरात और रमजान के आगामी त्योहारों के मद्देनजर मस्जिद को पूरी तरह से फिर से खोलने की मांग करते हुए अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी।
नवरात्र के मद्देनजर कालकाजी मंदिर में समुचित सुरक्षा के निर्देश
उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को नवरात्र में माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पुलिस को समुचित सुरक्षा प्रबंध करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को फूल-माला, प्रसाद, पूजा सामग्री और पूजा के बर्तन बेचने के लिए अस्थायी तौर पर टेबल/ दुकान लगाने की अनुमति दे दी है।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने इस मामले में मंदिर का कामकाज देखने के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जेआर मिधा की ओर से रिपोर्ट पर विचार करते हुए यह निर्देश दिया।
उन्होंने पुलिस को सुरक्षा के इंतजाम करने के साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय आदि का समुचित प्रबंध करने का आदेश दिया है। हालांकि, अभी विस्तृत आदेश नहीं मिला है।
इससे पहले, न्यायालय को बताया गया कि पिछले आदेश का पालन करते हुए मंदिर परिसर में बने अवैध झुग्गियों को हटा दिया गया है। साथ ही अवैध धर्मशालाओं में रह रहे लोगों को खाली करा दिया गया है। न्यायालय पिछले सप्ताह अवैध झुग्गियां हटाने और धर्मशाला में रहने वाले लोगों को हटाने का आदेश दिया था।