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Delhi News: एएनएस कैडर में एजीटी-2026 के अनिवार्य ट्रांसफरों का विरोध
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ईएसआईसी नर्सिंग अधिकारियों ने आदेशों को बताया मनमाना, रद्द करने की मांग की
नई दिल्ली। ऑल इंडिया ईएसआईसी नर्सिंग ऑफिसर्स फेडरेशन (एआईईएसआईसीएनओएफ) ने असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट (एएनएस) कैडर में एजीटी-2026 के तहत किए गए अनिवार्य ट्रांसफरों का विरोध किया है। फेडरेशन ने इन ट्रांसफर आदेशों को मनमाना, भेदभावपूर्ण और अपारदर्शी बताते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की है। फेडरेशन का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश जारी करते समय न तो कोई साफ गाइडलाइंस बताई गई, न ही वरिष्ठता या कार्यकाल का कोई नियम मानकर ट्रांसफर किए गए। साथ ही, कई नर्सिंग अधिकारियों को बिना वजह दूर-दराज के इलाकों में भेज दिया गया। खासकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के उन अधिकारियों का भी ट्रांसफर कर दिया गया, जिन्होंने इंस्टीट्यूशनल सीनियरिटी सिस्टम को चुना था। ऐसे में, फेडरेशन ने इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया है।फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के अंदर ट्रांसफर आदेश वापस नहीं लिए गए तो वे लोकतांत्रिक ट्रेड यूनियन कार्रवाई करेंगे। इसमें ईएसआईसी मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन, श्रम मंत्रालय तक मार्च, सामूहिक छुट्टी और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी शामिल हो सकती है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। ऑल इंडिया ईएसआईसी नर्सिंग ऑफिसर्स फेडरेशन (एआईईएसआईसीएनओएफ) ने असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट (एएनएस) कैडर में एजीटी-2026 के तहत किए गए अनिवार्य ट्रांसफरों का विरोध किया है। फेडरेशन ने इन ट्रांसफर आदेशों को मनमाना, भेदभावपूर्ण और अपारदर्शी बताते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की है। फेडरेशन का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश जारी करते समय न तो कोई साफ गाइडलाइंस बताई गई, न ही वरिष्ठता या कार्यकाल का कोई नियम मानकर ट्रांसफर किए गए। साथ ही, कई नर्सिंग अधिकारियों को बिना वजह दूर-दराज के इलाकों में भेज दिया गया। खासकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के उन अधिकारियों का भी ट्रांसफर कर दिया गया, जिन्होंने इंस्टीट्यूशनल सीनियरिटी सिस्टम को चुना था। ऐसे में, फेडरेशन ने इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया है।फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के अंदर ट्रांसफर आदेश वापस नहीं लिए गए तो वे लोकतांत्रिक ट्रेड यूनियन कार्रवाई करेंगे। इसमें ईएसआईसी मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन, श्रम मंत्रालय तक मार्च, सामूहिक छुट्टी और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी शामिल हो सकती है। ब्यूरो