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दिल्ली में सांसों पर संकट: सरकारी और निजी अस्पतालों में हालात खराब, नए मरीजों की भर्ती करने में कतरा रहे
Wed, 21 Apr 2021 11:36 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 21 Apr 2021 11:36 PM IST
सार
बुधवार को दूसरे दिन भी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन कम रहने की वजह से नए मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बीते मंगलवार से अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं है।
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कोरोना वार्ड
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अगर आप कोरोना संक्रमित हैं तो बेहतर होगा कि पहले दिन से ही अपनी सेहत पर खास नजर रखें क्योंकि अगर आपको सांस लेने में दिक्कत होने लगती है तो राजधानी के अस्पतालों में शायद आपको भर्ती नहीं किया जाए। अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट काफी बड़ा हो चुका है। बुधवार को दूसरे दिन भी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन कम रहने की वजह से नए मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बीते मंगलवार से अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं है। हालात ऐसे हैं कि बुधवार सुबह से ही अस्पतालों ने ऑक्सीजन मांगना शुरू कर दिया।
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एम्स से लेकर मैक्स, अपोलो, फोर्टिस, सेंट स्टीफन, गंगाराम सहित तमाम बड़े अस्पतालों में कोरोना मरीज काफी संख्या में भर्ती हैं और वहां पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं है। अपोलो अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. पी शिवकुमार ने यहां तक कहा कि उनके यहां 350 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिनके लिए ऑक्सीजन केवल 10 घंटे की बची है। सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमेन डॉ. डीएस राणा ने बताया कि उनके यहां दो दिन से ऑक्सीजन की कमी है। हर दिन उन्हें कम से कम 10 हजार क्यूबिक ऑक्सीजन चाहिए लेकिन काफी मुश्किल के बाद बुधवार दोपहर को उनके यहां सात हजार क्यूबिक ऑक्सीजन आई है जोकि बुधवार रात तक ही खत्म हो जाएगी। इसी के चलते नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। गंगाराम अस्पताल में सभी 132 आईसीयू बेड पर मरीज हैं। बिना आईसीयू के 487 बेड में से सिर्फ तीन खाली हैं।
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लोक नायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि एक विक्रेता से भेजा ऑक्सीजन का ट्रक तड़के तीन बजे अस्पताल पहुंचा। एलएनजेपी और जीटीबी में 400-400 बेड हैं और सभी पर मरीज हैं। वहीं, आंबेडकर अस्पताल को सुबह पांच बजे ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई। अधिकारियों का कहना है कि यह आपूर्ति 24 घंटे तक चलेगी।
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इन अस्पतालों में सबसे ज्यादा है संकट
मैक्स, अपोलो, मणिपाल में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होने की वजह से दिक्कतें बढ़ गई हैं। देर शाम मैक्स शालीमार बाग ने आरोप लगाया कि अब 2 घंटे की ऑक्सीजन बची है। यहां 285 कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती हैं। जानकारी मिली है कि मणिपाल अस्पताल में 230 मरीजों के लिए 12 घंटे ही ऑक्सीजन बची है। वहीं सेंट स्टीफंस में 300 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं लेकिन शाम को थोड़ी ऑक्सीजन पहुंची है। लोकनायक अस्पताल में भी 450 मरीज भर्ती हैं जिनके लिए ऑक्सीजन कम है।
डॉक्टर भी हैरान-परेशान, मरीजों से कर रहे अपील
ऑक्सीजन न मिलने की वजह से डॉक्टर भी काफी हैरान परेशान हैं। सोशल मीडिया पर डॉक्टरों ने लिखा कि जब तक बहुत जरूरत न हो तब तक लोग अपने घरों में ही रहें। लोगों से हाथ जोड़कर विनती है कि अस्पताल न आएं। घर में रहकर ही अपना बचाव करें। लिवर सर्जन डॉ. अरविंद सोईन ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी मुद्दा नहीं है। असली मुद्दा लोगों का सुरक्षित रहना है। पैनिक होकर अस्पताल पहुंचने की वजह अगर संक्रमित मरीज पहले दिन से ही अपना ख्याल रखेंगे तो उन्हें दिक्कत नहीं आएगी। दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में इस समय स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हैं। इन्हें फिलहाल जनता और सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।