फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   आज से और खराब श्रेणी में पहुंच सकती है दिल्ली की आबोहवा

आज से और खराब श्रेणी में पहुंच सकती है दिल्ली की आबोहवा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 08:36 PM IST
विज्ञापन
आज से और खराब श्रेणी में पहुंच सकती है दिल्ली की आबोहवा
विज्ञापन
नई दिल्ली राजधानी के आबोहवा में थोड़ा बहुत सुधार देखने को मिला है। इसकी प्रमुख वजह हवा की रफ्तार का बढ़ना है, लेकिन बृहस्पतिवार से राजधानी की आबोहवा में फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है।राजधानी में बुधवार को सुबह 10 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 281 दर्ज किया गया जो कि खराब श्रेणी में रहा है। वहीं, शाम छह बजे तक यह 313 पर पहुंच गया।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 रहा था वहीं, सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार, मंगलवार की शाम मौसम की अनुकूल स्थितियों के कारण बुधवार सुबह प्रदूषण में कमी देखने को मिली है हालांकि, एक बार फिर से हवा की रफ्तार में कमी होने की वजह से राजधानी में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ेगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बृहस्पतिवार तक राजधानी में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, पराली जलने की वजह से रविवार को इस सीजन सबसे अधिक पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की 23 फ़ीसदी भागीदारी रही है।इससे पहले सोमवार को यह 16 फ़ीसदी, रविवार को 19 फ़ीसदी और शनिवार को नौ फ़ीसदी दर्ज किया गया था। वहीं, सफर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को इस सीजन में सबसे अधिक 1,943 पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम से लेकर उत्तर-पश्चिमी हवाओं के रुख के साथ हवा की रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई वहीं, न्यूनतम तापमान भी 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा है। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, राजधानी में आगामी 31 अक्टूबर तक हवा का स्तर बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना बनी हुई है। केंद्रीय एजेंसी के वायु गुणवत्ता चेतावनी व्यवस्था के अनुसार,बुधवार को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकंड दर्ज किया गया है। जबकि छह वर्ग मीटर से कम वेंटिलेशन इंडेक्स 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी कम चलने वाली हवाओं के साथ प्रदूषण के लिए जिम्मेदार होता है।
विज्ञापन
------------------------ (किशन कुमार)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed