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दिल्ली: एनबीसीसी ने कहा- आम्रपाली परियोजनाओं की संरचनात्मक सुरक्षा में कोई समस्या नहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 300 करोड़ की दी मंजूरी
Tue, 08 Mar 2022 05:54 AM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 08 Mar 2022 05:54 AM IST
सार
एनबीसीसी ने वीएनआईटी, नागपुर और एनआईटी, जालंधर को इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है। इस दौरान कोर्ट सलाहकार वरिष्ठ वकील एन वेंकेटरमणी ने पीठ को बताया कि बैंकों के समूह की अगुवाई करने वाले बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली की परियोजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दे दी है।
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- फोटो : PTI
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विस्तार
नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आम्रपाली परियोजनाओं की संरचनात्मक सुरक्षा में कोई समस्या नहीं है। इसने वीएनआईटी, नागपुर और एनआईटी, जालंधर को इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है। साथ ही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि आम्रपाली की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के मद्देनजर बैंक ऑफ बड़ौदा ने 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
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जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ के समक्ष एनबीसीसी के वकील सिद्दार्थ दवे ने कहा, सभी परियोजनाएं सुरक्षित हैं। पिछली सुनवाई में घर खरीदारों के वकील ने उन आवास परियोजनाओं की गुणवत्ता के मुद्दों को उठाया, जिनमें एनबीसीसी परियोजना प्रबंधन सलाहकार है। दवे ने कहा, मीडिया में इसे लेकर नकारात्मक रिपोर्टिंग हुई।
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एनबीसीसी ने वीएनआईटी, नागपुर और एनआईटी, जालंधर को इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है। इस दौरान कोर्ट सलाहकार वरिष्ठ वकील एन वेंकेटरमणी ने पीठ को बताया कि बैंकों के समूह की अगुवाई करने वाले बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली की परियोजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दे दी है। बाकी बैंकों ने कुछ वक्त मांगा है। इस पर पीठ ने शेष बैंकों को एक हफ्ते में प्रोजेक्ट के लिए फंड की मंजूरी देने और अगले हफ्ते सोमवार तक उसकी जानकारी कोर्ट को देने का निर्देश दिया। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बैंकों से कहा था कि वे 15 मार्च तक प्रोजेक्ट की फंडिंग शुरू करें। अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
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21 फरवरी को पिछली सुनवाई में घर खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी ने आम्रपाली परियोजनाओं की गुणवत्ता के मुद्दों का हवाला देते हुए कहा था, एनबीसीसी की ग्रीन व्यू सोसाइटी में प्रमुख संरचनात्मक खामियां हैं। इसमें 650 से अधिक आवास इकाइयां हैं। लाहौटी ने इस मामले पर शीर्ष अदालत से संज्ञान लेने का आग्रह किया था। मालूम हो कि एनबीसीसी, आम्रपाली परियोजनाओं के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार है और काम की गुणवत्ता और समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी उस पर है।