मनीष सिसोदिया का बड़ा आरोप: केंद्र चाहता है राज्य सरकारें कहें ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई कोई मौत
इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल को उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मंजूरी के लिए एक फाइल भेजी थी।
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राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मौत के आंकड़े को लेकर दिल्ली सरकार बनाम केंद्र की स्थिति हो गई है। इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है।
डिप्टी सीएम सिसोदिया ने अपने बयान में कहा कि केंद्र चाहता है राज्य सरकारें कहें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई। वहीं, इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल को उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मंजूरी के लिए एक फाइल भेजी थी।
Centre wants state govts to say there were no deaths due to oxygen shortage during second Covid wave: Delhi Deputy CM Manish Sisodia
विज्ञापन विज्ञापन— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2021
मनीष सिसोदिया ने कहा था कि इससे यह पता लग सकेगा कि ऑक्सीजन की कमी के चलते कितने कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर एलजी को समिति के गठन को न रोकने का निर्देश देने का आग्रह किया था।
दिल्ली सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन प्रमोशन नीति- 2021 को मंजूरी दे दी है। यह नीति भविष्य में किसी भी संकट या चिकित्सा आपातकाल से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पेश की गई है।
The government of Delhi approves the Medical Oxygen Production Promotion Policy of Delhi - 2021. This policy has been introduced with an aim to make Delhi self-reliant in production of Medical Oxygen to meet with any such crisis/medical emergency in future: Delhi Government
— ANI (@ANI) August 20, 2021
दिल्ली सरकार ने अलग तरीके से जवाब देने का लिया फैसला
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन या इलाज न मिलने की वजह से जिन लोगों की मौत हुई है उनकी जानकारी केंद्र सरकार ने मांगी है। लेकिन दिल्ली सरकार ने इसका जवाब अलग तरीके से देने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जब कमेटी बनाई थी तो उपराज्यपाल ने उसे भंग कर दिया था। इसलिए पत्र के जवाब में एलजी अनिल बैजल के निर्देश पत्र की चर्चा करने के लिए कहा गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास अप्रैल से जून के बीच ऑक्सीजन की कमी, बिस्तर न मिलने या फिर अस्पतालों के बाहर कितने लोगों की मौत हुई है? इससे जुड़ी जानकारी नहीं है।
ऑक्सीजन की कमी से एक भी मरीज की मौत न होने का दावा
उधर, दिल्ली सरकार के अस्पतालों ने भी ऑक्सीजन की कमी से एक भी मरीज की मौत न होने का दावा किया है, जिसमें केंद्र सरकार के एम्स, आरएमएल और सफदरजंग अस्पताल भी शामिल है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार के लोकनायक अस्पताल, डीडीयू, बाबा भीमराव आंबेडकर और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने ऐसा कोई भी रिकॉर्ड होने से इनकार किया है।