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Diwali 2022: पिछले साल पटाखे से ज्यादा दीये से जले थे लोग, इस बार अस्पतालों ने की हैं तैयारियां
Sun, 23 Oct 2022 05:11 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 23 Oct 2022 05:11 AM IST
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पटाखा
- फोटो : pixabay
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दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन यह सुखद तभी होगा, जब तक आप सावधानी के साथ मनाते हैं। अक्सर लोग दिया जलाते समय लापरवाही करते हैं जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाता है। सफदरजंग अस्पताल के बर्न्स विभाग में पिछले साल दिवाली की रात आए मामले भी कुछ ऐसा ही बयां करते हैं।
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साल 2021 की दिवाली में पटाखे से ज्यादा दीये से जलकर लोग अस्पताल पहुंचे थे। इनमें ज्यादा मरीज काफी गंभीर थे, जिन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। साथ ही सर्जरी तक करनी पड़ी। वहीं, पटाखे के कारण लोगों का हाथ, आंख और चेहरा झुलस गया था। पटाखे में सबसे ज्यादा मरीज अनार बम का शिकार हुए थे। लापरवाही के कारण हुए हादसे में अनार फट गया था जिसमें लोग झुलसे।
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सफदरजंग अस्पताल के बर्न्स, प्लास्टिक व सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि साल 2021 में दिवाली की रात 87 मरीज जलने के बाद अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 66 मरीज पटाखे से जबकि 21 मरीज दीये से जले थे। इनमें 26 मरीज 12 साल से कम उम्र के और 61 मरीज 12 साल से अधिक उम्र के थे। इन 87 मरीजों में से नौ मरीज गंभीर रूप से जल गए थे। जिनमें से पांच मरीज दीये से जले थे, जबकि चार मरीज पटाखे से जले थे। उन्होंने कहा कि इनमें से छह मरीजों का ऑपरेशन करना पड़ा था, वहीं दो मरीज को जनरल एनेथिसिया देना पड़ा था।
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विभाग ने की तैयारी
दिवाली को लेकर सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग ने तैयारियां की है। डॉ. शलभ ने कहा कि दिवाली पर आग से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग में तैयारियां की गई हैं। अस्पताल में अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती के अलावा 20 बेड़ों का इंतजाम किया गया है। अस्पताल ने आग से जलने के पर बचाव के लिए 011-2616370 टोल फ्री नंबर जारी किया है।
क्या करें, न करें
- आग से जलने के बाद टूथपेस्ट, तेल, बर्फ नहीं लगाना चाहिए। इससे समस्या बढ़ जाती है।
- आग लगने पर तुरंत उक्त अंग को 10-20 मिनट तक (नल चलाकर) सामान्य पानी में रखें। यदि आग शरीर में लग जाती है तो वहीं रुक जाए और जमीन पर लेटकर रोलिंग करें, जिससे आग बुझ जाएगी। साथ ही मरीज को तुरंत पास के अस्पताल लेकर जाए।
- दिवाली के दिन शरीर से चिपके हुए या आग न पकड़ने वाले कपड़े पहनें