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ट्रैक्टर मार्च आज, कल दिन भर बनी रणनीति, किसान बोले- 26 जनवरी से पहले कर रहे हैं रिहर्सल

Thu, 07 Jan 2021 04:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 07 Jan 2021 04:37 AM IST
सार

  • सीमाओं से केएमपी के लिए रवाना होंगे 4500 ट्रैक्टर
  • सिंघु से टीकरी, गाजीपुर से पलवन के लिए रवाना होंगे ट्रैक्टर

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kisan andolan news: farmers made strategy for whole day before tractor march 
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता - फोटो : प्रभात पांडेय

विस्तार

42 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मांगों पर डटे किसान बृहस्पतिवार को केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। सिंघु, टीकरी, गाजीपुर और पलवल से करीब 4500 हजार ट्रैक्टर मार्च के लिए किसानों के साथ रवाना होंगे। विरोध मार्च की तैयारियों में पूरे दिन सभी किसान संगठनों के साथ समूहों में बैठकों का दौर जारी रहा। 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड का किसान, इसे रिहर्सल बता रहे हैं। 

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भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा), पंजाब के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च के जरिये दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान सरकार के रवैये के खिलाफ अपना विरोध जताएंगे। करीब 2000 ट्रैक्टर सिंघु से टीकरी की तरफ जबकि टीकरी से करीब एक हजार ट्रैक्टर रवाना होंगे। बीच में एक जगह पर इकट्ठा होने के बाद केएमपी पर मार्च के लिए कूच करेंगे। इसी तरह गाजीपुर से पलवल से भी करीब 1500 ट्रैक्टर के साथ किसान, मार्च के लिए कूच करेंगे। 
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किसान नेता प्रेम सिंह का कहना है कि खराब मौसम के पूर्वानुमान की वजह से ट्रैक्टर मार्च एक दिन के बढ़ाया गया। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से भारी संख्या में ट्रैक्टर रवाना होंगे। 30 को हुई बातचीत में सरकार का रुख सकारात्मक दिखा तो किसानों की उम्मीदें जगी थीं। बाद में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की बजाय इसे अच्छा बताया गया और दोबारा विचार करने की बात कही गई, किसानों के पास अच्छा है और आप सोच ले, कानूनों को रद्द करने के अलावा कोई बात नहीं हो सकती हैं। 
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किसान जागृति पखवाड़ा शुरू
सयुंक्त किसान मोर्चा के सदस्य दर्शन पाल ने बताया कि किसान जागृति पखवाड़ा बुधवार से पूरे देश में शुरू हो गया है। देश भर के किसान, मजदूर सहित जागरूक नागरिक इस मुहिम में शामिल होकर तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस करवाने और एमएसपी को कानूनी गारंटी की मांग को मजबूती दे रहे हैं। 

आंदोलन अब देशव्यापी रूप ले चुका है
बिहार, ओडिशा, झारखंड में अलग अलग तरीके से किसान सरकार के किसान-मजदूर-गरीब विरोधी चेहरे को बेनकाब कर रहे हैं। राजस्थान के उतरी जिलों में टैक्टर मार्च निकाले गए जबकि आंदोलन में कर्नाटक के किसान भी भारी संख्या में हिस्सा ले रहे है। दिन प्रतिदिन किसान आंदोलन देशव्यापी और जनव्यापी रूप ले रहा है। सरकार इस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। गुजरात के किसान नेता जेके पटेल की गिरफ्तारी कीसयुंक्त किसान मोर्चा कड़ी निंदा करता है। 

किसानों की राजनैतिक जीत हुई, टैक्चर मार्च है परेड का रिहर्सल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा रद्द किया जाना केंद्र सरकार की कूटनीतिक हार और किसानों की राजनैतिक जीत है। किसानों को घर छोड़े 40 से ज्यादा दिन हो गए हैं जबकि 70 से अधिक किसानों की इस दौरान मौतें हो चुकी हैं। दुनिया भर के राजनैतिक और सामाजिक संगठनों का इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैये को देखते हुए किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली में शांतिपूर्ण  %किसान गणतंत्र परेड% की घोषणा की। 7 जनवरी को केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च, इसका रिहर्सल होगा। 







समर्थन के लिए कलाकारों का आभार व्यक्त किया
कलाकार दिलजीत दोसांझ, किसान आंदोलन में लगातार हिस्सा ले रहे हैं और किसानों की हरसंभव मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाना सरकार के समर्थकों की बौखलाहट का प्रतीक है। अब यह आंदोलन जन आंदोलन बन चुका है और पहली बार केंद्र सरकार बैकफुट पर दिखाई देर ही है। हम दिलजीत दोसांझ सहित अन्य कलाकारों पर हो रहे चौतरफा हमले की निंदा करते हैं। सभी कलाकारों का इस आंदोलन का समर्थन करने पर मोर्चा ने आभार व्यक्त किया है।

फूट डालने के लिए कई ताकतें लगा रही हैं एड़ी चोटी का जोर
दर्शन पाल ने कहा कि आंदोलन में नेताओ के बीच आपसी फूट डालने के लिए कई ताकतें एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। इससे सयुंक्त किसान मोर्चा दिनोंदिन और मजबूत होता जा रहा है। हमारे साथी मंजीत राय के परिवार को धमकियां मिल रही है, इसकी हम सख्त निंदा करते हैं। साथ उन ताकतों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करते हैं। उधर,जयपुर-दिल्ली रोड पर पुलिस की बर्बरता के बावजूद किसानों का हौसला बुलंद है और समाजसेवी संस्थाएं लगातार किसानों के समर्थन में आगे बढ़ रही हैं।

 

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