जेएनयू: आज से पीएचडी अंतिम वर्ष के सभी छात्रों के लिए कैंपस खुलेगा, 72 घंटे पुराना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य
दिल्ली सरकार ने दिशा-निर्देशों के तहत कैंपस खोलने की अनुमति दी है। हालांकि तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए सभी छात्रों को नहीं बुलाया जा रहा है। फिलहाल अभी रिसर्च, लैब वाले अंतिम वर्ष के छात्रों को ही अनुमति मिलेगी।
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस करीब छह महीनों (अप्रैल से बंद) के बाद आज से दोबारा खुलने जा रहा है। कैंपस को चरणबद्ध तरीके से खोलने के फैसले के तहत पहले चरण में पीएचडी अंतिम वर्ष के सभी छात्रों के लिए विभाग और लाइब्रेरी व लैब के दरवाजे खुल रहे हैं। हालांकि कैंपस गेट पर एंट्री के लिए छात्रों को 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जेएनयू सिक्योरिटी को दिखाने पर एंट्री मिलेगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन वाले इलाकों के छात्रों, शिक्षकों व कर्मियों के कैंपस आने पर रोक रहेगी। मॉस्क पहनना अनिवार्य रहेगा। यदि कोई कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करता है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई, जुर्माने के अलावा आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) 166 समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जेएनयू प्रबंधन ने शनिवार देर शाम 6 सितंबर से पहले चरण के तहत कैंपस खोलने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें लिखा है कि पीएचडी प्रोग्राम के अंतिम वर्ष के छात्र, खासकर जिन्हें 31 दिसंबर 2021 को अपनी थीसिस जमा करनी है, उनके लिए सोमवार से कैंपस खोला जा रहा है। इसमें हॉस्टल और स्थानीय सभी शोधार्थियों को आने की अनुमति होगी। कोविड नियमों का पालन करने के लिए छात्रों को स्वयं सत्यापित पत्र भी भरकर देना होगा।
स्नातक, स्नातकोत्तर की ऑनलाइन पढ़ाई
आम छात्रों के लिए मानसून सेमेस्टर पूरा होने तक कक्षाओं से लेकर परीक्षा सब ऑनलाइन मोड से ही पहले ही तरह ही चलेगी। सभी विभाग और उनकी लाइब्रेरी बंद रहेंगी।
सेंट्रल लाइब्रेरी खोलने का फैसला
दिल्ली सरकार ने दिशा-निर्देशों के तहत कैंपस खोलने की अनुमति दी है। हालांकि तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए सभी छात्रों को नहीं बुलाया जा रहा है। फिलहाल अभी रिसर्च, लैब वाले अंतिम वर्ष के छात्रों को ही अनुमति मिलेगी। इसके अलावा अगले हफ्ते से लाइब्रेरी भी 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलने जा रही है। - प्रो. एम जगदीश कुमार,कुलपति, जेएनयू।