फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   hindi hain hum there is no dearth of scientific and technical words in hindi

हिंदी हैं हम: हिंदी में वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों की कमी नहीं, विज्ञान व पुलिस पृष्ठभूमि के लोगों ने साझा किए विचार

Tue, 31 Aug 2021 12:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 31 Aug 2021 12:53 AM IST
सार

गांधी जी के अनुसार हिंदी आम आदमी की भाषा है। उनके अनुसार हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिंदी हृदय की भाषा है। 

विज्ञापन
hindi hain hum there is no dearth of scientific and technical words in hindi
दयाल गंगवार (बाएं) और डॉ. जीएल शर्मा (दाएं) - फोटो : amar ujala

विस्तार

हिंदी का महत्व आज के वैज्ञानिक और तकनीकी माहौल में उतना ही समृद्ध है, जितना वर्षों पहले था। यही वजह है कि हिंदी को लेकर वैज्ञानिक पृष्ठभूमि के लोग भी इसे विकास का अहम अंग मानते हैं। लोगों को आपस में जोड़ने वाले इस भाषा को लेकर वैज्ञानिक व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अपने विचारों को अमर उजाला के हिंद हैं हम अभियान के तहत साझा किया।

विज्ञापन


हिन्दी भाषा में विज्ञान का प्रस्तुतीकरण
हिन्दी भारत की राजभाषा है। यह हमारी प्राचीनतम भाषा संस्कृत से निकली है। संस्कृत में वैज्ञानिक साहित्य अत्यन्त समृद्ध रहा है। रोचक बात यह कि आधुनिक विज्ञान ने भारतीय पुरातन विज्ञान के अनेकों विषयों को अभी तक छुआ भी नहीं है। ऐसे में आज के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के परिपेक्ष्य में हिंदी के योगदान को कम आंकना ठीक नहीं है। इसमें ढेरों संभावनाएं हैं।
विज्ञापन


मैंने अपने स्तर पर 1986-1990 के बीच स्वास्थ्य विज्ञान संबंधी कई जटिल विषयों को सरल हिंदी में लिखने की कोशिश की। कुछ पत्रिकाओं में प्रकाशित भी हुए। 2008 में मैंने दिल्ली स्थित जीनॉमिकी एवं समवेत जीव विज्ञान संस्थान (इंस्टिट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी) में हिंदी में एक वैज्ञानिक संगोष्ठी करवाई। इसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के करीब 100 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान मानव स्वास्थ्य से संबंधित गूढ़ विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इसमें एक स्मारिका भी प्रकाशित हुई थी। इसमें प्रतिभागी वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत प्रपत्रों का संकलन किया गया था। इसकी प्रतियां सभी में वितरित कराई गई थी। -डॉ. जीएल शर्मा, पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बॉयोलॉजी
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंदी विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ हिंदी हमारी राजभाषा भी है। यह हिंदुस्तान को एक रूप में बांधती है। इसके प्रति हमें अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना, हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। हिंदी हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब भी है।


गांधी जी के अनुसार हिंदी आम आदमी की भाषा है। उनके अनुसार हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिंदी हृदय की भाषा है। यही वजह है कि इससे भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं, जिससे अपनेपन का अहसास होता है। सभी सुरक्षा बलों में अलग-अलग धर्मों के लोग हैं, लेकिन सभी हिंदी जानते हैं। इसमें रहते हुए यह मेरा अनुभव है कि सुरक्षा बल के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए इससे जानदार भाषा कोई दूसरी हो ही नहीं सकती है। -दयाल गंगवार, महानिदेशक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, एनसीआर सेक्टर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed