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उन्नाव दुष्कर्म मामला: हाईकोर्ट ने सेंगर के भाई अतुल से पूछा किस अस्पताल में करवाना है इलाज
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर पूछा कि वह किस अस्पताल में अपना इलाज करवाना चाहता है। यह मामला दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़ा है। इस मामले में अतुल सेंगर 10 साल की कैद की सजा काट रहा है।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अतुल की ओर से पेश वकील से कहा अगर वह किसी निजी अस्पताल में अपना इलाज करवाएगा तो इसका खर्च उसे खुद झेलना होगा। याचिका में अतुल सेंगर का इलाज करवाने और कानपुर में सर्जरी करवाने के लिए 8 सप्ताह की पैरोल की मांग की गई। इस मामले में कुलदीप सेंगर, उसके भाई अतुल तथा अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया था।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। अदालत ने इस मामले में निष्कासित बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। पछले साल जुलाई में दुष्कर्म पीड़िता की कार पर ट्रक से जानलेवा हमला होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश की अदालत से दिल्ली स्थानांतरित कर दी थी। इस मामले में दिसंबर 2019 में कुलदीप सेंगर को दोषी ठहराया गया था। उसे 2017 में उन्नाव में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अतुल की ओर से पेश वकील से कहा अगर वह किसी निजी अस्पताल में अपना इलाज करवाएगा तो इसका खर्च उसे खुद झेलना होगा। याचिका में अतुल सेंगर का इलाज करवाने और कानपुर में सर्जरी करवाने के लिए 8 सप्ताह की पैरोल की मांग की गई। इस मामले में कुलदीप सेंगर, उसके भाई अतुल तथा अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया था।
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दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। अदालत ने इस मामले में निष्कासित बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। पछले साल जुलाई में दुष्कर्म पीड़िता की कार पर ट्रक से जानलेवा हमला होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश की अदालत से दिल्ली स्थानांतरित कर दी थी। इस मामले में दिसंबर 2019 में कुलदीप सेंगर को दोषी ठहराया गया था। उसे 2017 में उन्नाव में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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