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तेजस के स्वागत में उत्सव जैसा माहौल, फूल देकर बैंडबाजे के साथ किया यात्रियों का स्वागत
Sat, 05 Oct 2019 01:01 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 05 Oct 2019 01:01 AM IST
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तेजस के यात्रियों का फूलों से हुआ स्वागत।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर पहली तेजस ट्रेन लखनऊ से आई तो उसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान स्टेशन पर माहौल उत्सव जैसा था। कोई ट्रेन के साथ सेल्फी ले रहा था तो कोई भीतर जाकर सीटों पर बैठ गया। जायजा लेने के बाद कई लोगों ने कहा कि सीटें तो हवाई जहाज जैसी ही हैं। लोगों ने ट्रेन के ऑटोमेटिक गेट की भी जमकर तारीफ की।
पूरी ट्रेन को एक नजर देखने वालों की भी कमी नहीं थी। सुबह लखनऊ से चली पहली तेजस शाम 4 बजे के बाद नई दिल्ली स्टेशन पर पहुंची। यहां इस ट्रेन से सफर करके आए यात्रियों का स्वागत फूलमालाओं से किया गया। यात्रियों ने बताया कि उन्हें तेजस के अंदर फ्लाइट की तरह ही मैगजीन, पानी और खाने के लिए लजीज व्यंजन परोसे गए। केबिन क्रू ने बताया कि यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर अहसास हो, इसके लिए उन्हें यह सुविधाएं दी गईं।
मुसाफिरों ने जमकर की व्यवस्था की तारीफ
ट्रेन से सफर करके आई कमलजीत कौर ने कहा कि ट्रेन में उन्हें लजीज व्यंजन परोसे गए। पूरे रास्ते में उन्हें किसी भी कमी का अहसास नहीं हुआ। अवधेश कुमार ने कहा कि तेजस का सफर ऐतिहासिक रहा। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। देश की ट्रेनों में इससे अच्छी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकती।
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अभिषेक सिंह ने कहा कि ट्रेन 45 मिनट लेट रवाना होकर भी नियत समय पर पहुंची। किराया भले ही थोड़ा अधिक है, लेकिन सुविधाओं के सामने किराया कोई मायने नहीं रखता। कानपुर और गाजियाबाद में रुकने के बाद ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन सफर के दौरान कहीं भी अकेलेपन का अहसास नहीं हुआ।
वंदना ने कहा कि तेजस की तुलना देश की किसी और ट्रेन से नहीं की जा सकती। वृंदावन फूड्स के राजीव मित्तल ने कहा कि अपनी तरह की देश में पहली ट्रेन में सफर करने वालों ने जल्द ही अन्य रूटों पर ऐसी ट्रेनें शुरू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में फ्लाइट जैसी सुविधाएं दी गई गई हैं। सफर पूरी तरह सुरक्षित और आनंद देने वाला है।
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पूरी ट्रेन को एक नजर देखने वालों की भी कमी नहीं थी। सुबह लखनऊ से चली पहली तेजस शाम 4 बजे के बाद नई दिल्ली स्टेशन पर पहुंची। यहां इस ट्रेन से सफर करके आए यात्रियों का स्वागत फूलमालाओं से किया गया। यात्रियों ने बताया कि उन्हें तेजस के अंदर फ्लाइट की तरह ही मैगजीन, पानी और खाने के लिए लजीज व्यंजन परोसे गए। केबिन क्रू ने बताया कि यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर अहसास हो, इसके लिए उन्हें यह सुविधाएं दी गईं।
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मुसाफिरों ने जमकर की व्यवस्था की तारीफ
ट्रेन से सफर करके आई कमलजीत कौर ने कहा कि ट्रेन में उन्हें लजीज व्यंजन परोसे गए। पूरे रास्ते में उन्हें किसी भी कमी का अहसास नहीं हुआ। अवधेश कुमार ने कहा कि तेजस का सफर ऐतिहासिक रहा। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। देश की ट्रेनों में इससे अच्छी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकती।
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अभिषेक सिंह ने कहा कि ट्रेन 45 मिनट लेट रवाना होकर भी नियत समय पर पहुंची। किराया भले ही थोड़ा अधिक है, लेकिन सुविधाओं के सामने किराया कोई मायने नहीं रखता। कानपुर और गाजियाबाद में रुकने के बाद ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन सफर के दौरान कहीं भी अकेलेपन का अहसास नहीं हुआ।
वंदना ने कहा कि तेजस की तुलना देश की किसी और ट्रेन से नहीं की जा सकती। वृंदावन फूड्स के राजीव मित्तल ने कहा कि अपनी तरह की देश में पहली ट्रेन में सफर करने वालों ने जल्द ही अन्य रूटों पर ऐसी ट्रेनें शुरू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में फ्लाइट जैसी सुविधाएं दी गई गई हैं। सफर पूरी तरह सुरक्षित और आनंद देने वाला है।