Rail Roko Andolan : आज किसानों का देश भर में रेल रोकने का आह्वान, मोर्चा ने कहा शांतिपूर्ण रहेगा विरोध

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 18 Oct 2021 03:49 AM IST

सार

लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को देशभर में छह घंटे तक रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया है। मोर्चा केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। आंदोलन के तहत सुबह 10 बजे शाम चार बजे तक ट्रेनें नहीं चलने दी जाएगी।
रेल रोको आंदोलन: (फाइल फोटो)
रेल रोको आंदोलन: (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम का एलान किया है। 18 अक्तूबर की सुबह 10 से शाम चार बजे के बीच छह घंटे के लिए रेल यातायात बाधित करने का फैसला लिया है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान रेल संपत्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की सभी संगठनों से अपील की है। उधर, भारतीय रेल के साथ ही पुलिस-प्रशान ने किसानों के आह्वान को देखते हुए तैयारी की है। 
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लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में न्याय और केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त करने सहित दूसरी मांगों के समर्थन में किसानों ने सोमवार को रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की है। लखीमपुर खीरी में अपनी जान गंवाने वाले किसानों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों में कलश यात्राएं निकाली जाएंगी। एसकेएम ने विरोध के तहत देश भर के टोल प्लाजा, कॉरपोरेट मॉल और पेट्रोल स्टेशनों पर और भाजपा नेताओं के आवास के बाहर पक्के मोर्चे बनाए गए हैं। 


राज्यों में आज निकाली जाएंगी कलश यात्राएं
लखीमपुर हत्या मामले में न्याय की मांग करते हुए एक बार फिर संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त कर, गिरफ्तार करने की मांग की है। मोर्चा की ओर से जारी बयान में बताया गया है किलखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दूसरे राज्यों में शहीद कलश यात्राएं निकाली जा रही है।

असामाजिक गतिवधियों से नहीं है मोर्चा का ताल्लुक
संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंघु बॉर्डर पर हुई घटना पर एक बार फिर कहा है कि इस आंदोलन को समर्थन देने वालों का धन्यवाद, मगर किसी भी असामाजिक गतिवधियों में शामिल किसी व्यक्ति या समूह से उनका ताल्लुक नहीं है। पिछले 10 महीने से अधिक वक्त से कृषि कानूनों से संबंधित मांगों पर डटे किसान अपनी मांगों पर डटे हैं।  

टिकैत ने कहा- सिघू बॉर्डर की घटना के पीछे सरकार का षड्यंत्र
इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि केंद्र सरकार आंदोसन का माहौल खराब करने का लंबे समय से प्रयास कर रही है। टिकैत ने कहा कहा कि सिंघु बॉर्डर पर जो कुछ हुआ है उसके पीछे सरकार का ही हाथ है। उन्होंने कहा कि सरकार को हमारे आंदोलन और सिंघु सीमा की घटना को साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए। टिकैत ने कहा कि सरकार बॉर्डर पर किसी भी समय माहौल खराब कर सकती है। टिकैत ने सिंघू बॉर्ड की घटना को सरकार का षड्यंत्र बताया है। 

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