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Delhi News: डीटीयू के समर सेमेस्टर के लिए फेल छात्र भी कर सकेंगे पंजीकरण
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डीटीयू ने समर सेमेस्टर में संशोधन के संबंध में अधिसूचना जारी की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के ग्रीष्मकालीन (समर) सेमेस्टर में संशोधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में डीटीयू ने अधिसूचना जारी की है।
इसके अनुसार किसी पाठ्यक्रम में अनुत्तीर्ण (फेल)/ निलंबित/वापसी ग्रेड प्राप्त करने वाले छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में पाठ्यक्रम में पंजीकरण कराने के पात्र होंगे। छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में अधिकतम 12 क्रेडिट तक के पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि अगर किसी छात्र के कार्यक्रम पाठ्यक्रम में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण/औद्योगिक प्रशिक्षण या इसी तरह की कोई आवश्यकता शामिल है। वह ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अवधि से मेल खाती है, तो ऐसे छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में पंजीकरण नहीं कर सकते हैं। एक छात्र को केवल डीसीसी/बीएससी/ईएससी/कोर/अनिवार्य पाठ्यक्रम में पंजीकरण करने की अनुमति है। ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अवधि 45 दिन की होगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में कोई पाठ्यक्रम तभी शुरू किया जाएगा, जब कम से कम 20 छात्र या स्वीकृत प्रवेश संख्या का 20 फीसदी छात्र जो भी कम हो उस पाठ्यक्रम में पंजीकृत हों। सभी कक्षाएं प्रत्यक्ष रूप से आयोजित की जाएंगी। किसी छात्र को पंजीकृत पाठ्यक्रम के लिए ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वह नियम आर.1(बी).22 के अनुसार परीक्षा में बैठने के लिए उपस्थिति मानदंड को पूरा करता हो। ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में किसी पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने वाले छात्र को विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार शुल्क का भुगतान करना होगा। यह दिशा-निर्देश स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के उन सभी छात्रों पर लागू होंगे जो ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर के लिए पंजीकरण करा रहे हैं, चाहे उनका प्रवेश बैच कोई भी हो।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के ग्रीष्मकालीन (समर) सेमेस्टर में संशोधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में डीटीयू ने अधिसूचना जारी की है।
इसके अनुसार किसी पाठ्यक्रम में अनुत्तीर्ण (फेल)/ निलंबित/वापसी ग्रेड प्राप्त करने वाले छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में पाठ्यक्रम में पंजीकरण कराने के पात्र होंगे। छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में अधिकतम 12 क्रेडिट तक के पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि अगर किसी छात्र के कार्यक्रम पाठ्यक्रम में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण/औद्योगिक प्रशिक्षण या इसी तरह की कोई आवश्यकता शामिल है। वह ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अवधि से मेल खाती है, तो ऐसे छात्र ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में पंजीकरण नहीं कर सकते हैं। एक छात्र को केवल डीसीसी/बीएससी/ईएससी/कोर/अनिवार्य पाठ्यक्रम में पंजीकरण करने की अनुमति है। ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अवधि 45 दिन की होगी।
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अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में कोई पाठ्यक्रम तभी शुरू किया जाएगा, जब कम से कम 20 छात्र या स्वीकृत प्रवेश संख्या का 20 फीसदी छात्र जो भी कम हो उस पाठ्यक्रम में पंजीकृत हों। सभी कक्षाएं प्रत्यक्ष रूप से आयोजित की जाएंगी। किसी छात्र को पंजीकृत पाठ्यक्रम के लिए ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर की अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वह नियम आर.1(बी).22 के अनुसार परीक्षा में बैठने के लिए उपस्थिति मानदंड को पूरा करता हो। ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर में किसी पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने वाले छात्र को विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार शुल्क का भुगतान करना होगा। यह दिशा-निर्देश स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के उन सभी छात्रों पर लागू होंगे जो ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर के लिए पंजीकरण करा रहे हैं, चाहे उनका प्रवेश बैच कोई भी हो।
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