फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   ex-servicemen economists and law experts will attend kisan mahasabha in muzaffarnagar on september 5

नई जान फूंकेंगे की कोशिश: 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसानों की महासभा में शामिल होंगे पूर्व सैनिक, अर्थशास्त्री और कानून के विशेषज्ञ

Tue, 27 Jul 2021 02:16 AM IST
Vikas Kumar सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 27 Jul 2021 02:16 AM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. बलबीर सिंह राजेवाल ने बातचीत में कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में किसानों के आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। किसानों को कई नाम से पुकारा गया, इसलिए किसान संसद में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के विशेषज्ञों को शामिल होने का मौका दिया जा रहा है। 

विज्ञापन
ex-servicemen economists and law experts will attend kisan mahasabha in muzaffarnagar on september 5
किसान नेता डॉ. बलबीर सिंह राजेवाल - फोटो : amar ujala

विस्तार

पिछले आठ महीने से दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर डटे किसानों के साथ कानूनविद, अर्थशास्त्री और पूर्व सैन्य अधिकारी भी शामिल होंगे। किसान संसद में इन विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा ताकि अनुभवों को साझा कर, आंदोलन में नई जान जान फूंकी जा सके। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस पर फैसला लेने के बाद सभी विशेषज्ञों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है ताकि आंदोलन को और मजबूती मिल सके। सोमवार से मिशन यूपी का आगाज करने के बाद मोर्चा ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महासभा के आयोजन की भी तैयारियां शुरू कर दी है। इसमें देश भर के किसान शामिल होंगे। 

विज्ञापन


संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. बलबीर सिंह राजेवाल ने बातचीत में कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में किसानों के आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। किसानों को कई नाम से पुकारा गया, इसलिए किसान संसद में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के विशेषज्ञों को शामिल होने का मौका दिया जा रहा है। मानसून सत्र के दौरान अलग अलग वर्गों को बारी बारी से देश की मौजूदा कृषि व्यवस्था, कानून और अर्थव्यवस्था से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। किसान संसद में पारित होने वाले प्रस्तावों को संसद में विचार के लिए भेजा जाएगा ताकि इसपर सरकार गौर करे। किसानों की बातों को नजरअंदाज किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों की राय से शायद किसानों की मांगों पर सुनवाई हो। 
विज्ञापन


संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जारी पीपुल्स व्हीप पर भी नजर रखी जा रही है। इसमें सदन का बहिष्कार करने के बजाय किसानों के मुद्दों को संसद में उठाने का आग्रह किसानों ने किया है। डॉ. सुच्चा सिंह गिल, पी साईनाथ, देवेन्द्र सिंह सहित देश के पूर्व ब्यूरोक्रेट्स को भी किसान संसद में शामिल किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि सर्दी, गर्मी और बारिश के दौरान भी किसानों ने शांतपूर्ण तौर पर विरोध जताया है। मिशन यूपी के तहत कानूनों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि अगली बार सरकार बनाने से पहले सभी पहलुओं पर मंथन कर सकें। 


पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होगी किसान महासभा 
यूपी मिशन के बाद किसानों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को किसान महासभा के आयोजन का फैसला लिया है। इसमें देश भर के किसानों को कृषि कानूनों के साथ साथ देश की अर्थव्यवस्था पर नए कानूनों के प्रभाव और मौजूदा हालात पर मंथन किया जाएगा। इस दौरान जनता को भी जागरूक किया जाएगा कि देश में खेती और किसानों की क्या अहमियत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed