Delhi Doctor Strike: 11वें दिन भी डॉक्टरों की जारी रही हड़ताल, नहीं मिला इलाज, सफदरजंग सहित तीन अस्पतालों में दिखा बुरा असर

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 07 Dec 2021 11:35 PM IST

सार

आरएमएल अस्पताल ने चेतावनी दी है कि एडहॉक पर तैनात जूनियर और सीनियर रेजीडेंट अगर हड़ताल पर जाते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसा ही एक आदेश सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने भी जारी किया है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब तक नीट काउंसलिंग को लेकर मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।
दिल्ली डॉक्टर स्ट्राइक: डॉक्टरों की हड़ताल
दिल्ली डॉक्टर स्ट्राइक: डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : ANI
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विस्तार

नीट पीजी की काउंसलिंग में देरी के चलते रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली के अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं तक बाधित रहीं। इस दौरान मरीजों को उपचार भी नहीं मिल पाया।

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डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सफदरजंग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और आरएमएल अस्पताल में देखने को मिला। यहां आपातकालीन से लेकर ओपीडी तक में मरीजों को इलाज नहीं मिला। इस बीच ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में हड़ताल के संबंध में एफएआईएमए द्वारा सभी आरडीए अध्यक्षों और राष्ट्रीय कार्रवाई समिति के साथ मंगलवार रात 11 बजे एक आपात बैठक बुलाई गई।

अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई की दी चेतावनी

इस बीच आरएमएल अस्पताल ने चेतावनी दी है कि एडहॉक पर तैनात जूनियर और सीनियर रेजीडेंट अगर हड़ताल पर जाते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसा ही एक आदेश सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने भी जारी किया है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब तक नीट काउंसलिंग को लेकर मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।

पिछले 11 दिन से देश भर के अस्पतालों में 40 हजार से अधिक रेजीडेंट डॉक्टर काउंसलिंग की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं लेकिन बीते सोमवार से दिल्ली में इन डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाएं देना भी बंद कर दिया है। इसके चलते अस्पतालों में मरीजों को उपचार लेने के लिए काफी परेशानी हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर केंद्र के तीन अस्पतालों पर दिखाई दे रहा है। जबकि दिल्ली सरकार के अन्य अस्पताल और एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर भी समर्थन कर रहे हैं लेकिन यहां हड़ताल नहीं है।

दिल्ली एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि काला फीता बांधकर वे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

सफदरजंग अस्पताल आरडीए के महासचिव डॉ अनुज अग्रवाल ने बताया कि मंत्रालय ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बार बार हड़ताल खत्म करने पर दबाव दिया जा रहा है लेकिन काउंसलिंग जल्दी कराने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए डॉक्टरों का विरोध आगे भी जारी रहेगा।

वहीं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में आरडीए के अध्यक्ष डॉ. सुनील दुचानिया ने कहा कि अब तक शारीरिक और मानसिक परेशानी से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने भी हड़ताल आगे जारी रखने का समर्थन किया है।

प्रोग्रेसिव मेडिकोज एंड साइंटिस्ट्स फोरम (पीएमएसएफ) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार को भावी डॉक्टरों की सुनवाई करनी चाहिए। कोरोना महामारी के चलते पहले से ही नुकसान झेल रहे इन डॉक्टरों को तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि इनका भविष्य बर्बाद न हो सके।

अस्पतालों की चेतावनी, डॉक्टरों पर असर नहीं

सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल ने लिखित तौर पर डॉक्टरों को चेतावनी दी है लेकिन इसका असर विरोध प्रदर्शन पर दिखाई नहीं दे रहा है। सफदरजंग अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि वे किसी भी हाल में मांग पूरा होने तक हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे।

सुबह नौ बजे पहुंचेंगे सीनियर डॉक्टर

सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी सीनियर डॉक्टरों को नौ बजे ओपीडी में पहुंचना है और दोपहर बाद की सभी ओपीडी को निरस्त किया जाएगा। किडनी की दोपहर बाद होने वाली ओपीडी केवल सोमवार को होगी। यह व्यवस्था हड़ताल तक जारी रहेगी। हालांकि रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अगर ओपीडी चलती है तो उनका विरोध और अधिक बढ़ जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री, महानिदेशक से चर्चा भी हुई फेल

हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से अब तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार के साथ अलग अलग समय पर बैठक हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी कोई समाधान हासिल नहीं हुआ है। डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार चल रहा है और इसके चलते मरीजों की जान पर बन आई है। पिछले एक दिन में ही करीब पांच मरीजों की मौतें सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में दर्ज की गई हैं।

धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है आंदोलन

रेजीडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। अभी तक दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है। जबकि कई स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हैं लेकिन चर्चा है कि आगामी दिनों में दिल्ली के बाकी अस्पतालों में भी पूरी तरह से बंद की स्थिति देखने को मिल सकती है। प्रदर्शन पर मौजूद डॉक्टर जल्द ही दूसरे अस्पतालों में जाकर वहां ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करने की योजना बना रहे हैं।
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