दिल्ली: शीतकालीन योजना के लिए 21 सितंबर तक एक्शन प्लान सौंपेंगे विभाग, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मिलेंगे अरविंद केजरीवाल
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जल्द ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलेंगे। मंत्री को पराली पर बायो डि-कंपोजर के प्रयोग को लेकर आई थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट सौंपने के साथ उनसे अन्य राज्यों में लागू कराने की मांग की जाएगी।
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दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए शीतकालीन योजना के तहत अलग-अलग विभाग कार्ययोजना तैयार करेंगे। कार्ययोजना को 10 प्रमुख बिंदुओं पर तैयार किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें इसे 21 सितंबर तक पर्यावरण विभाग को सौंपना होगा। इस संबंध में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागों को निर्देश जारी किए हैं।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जल्द ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलेंगे। मंत्री को पराली पर बायो डि-कंपोजर के प्रयोग को लेकर आई थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट सौंपने के साथ उनसे अन्य राज्यों में लागू कराने की मांग की जाएगी। पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्य तौर पर 10 सूत्रीय बिंदु चिंहित किए थे।
इस बैठक में तीनों एमसीडी, एनडीएमसी, कैंटोनमेंट बोर्ड, डीडीए, सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग, पर्यावरण विभाग व विकास विभाग के सभी उच्च अधिकारी मौजूद रहे। विभागों द्वारा 21 सितंबर तक अपना एक्शन प्लान बना कर पर्यावरण विभाग को सौंपने के बाद सरकार शीतकालीन कार्य योजना तैयार करेगी।
पीएम 2.5 व पीएम 10 के कणों से निपटने के लिए चार तरीके से होगा काम
पराली की समस्या से निपटने के लिए विकास विभाग को कार्य योजना बनाने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, धूल प्रदूषण रोकने के लिए तीनों एमसीडी, कंटोनमेंट बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी गई है। सभी निर्माण एजेंसियों को चार बिंदुओं पर अपना एक्शन प्लान बनाने के लिए लक्ष्य दिया है। इसमें पहला धूल से निपटने का एक्शन प्लान, दूसरा बिंदु मशीनों से साफ करने का एक्शन प्लान, तीसरा बिंदु धूल खींचने वाली मशीनों का एक्शन प्लान व चौथे बिंदु के तहत जूनियर इंजीनियर, एई और ठेकेदारों को संवेदनशील बनाने और उनके विचारों को बदलने करने का काम करने के लिए विभाग द्वारा जोर देने के लिए कहा गया है। इसके लिए सभी विभागों के अंदर विशेष प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कूड़ा जलाने से बचाने के लिए निगम को जिम्मेदारी
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक, तीसरा बिंदु कूड़ा जलने का है। इसके लिए एक्शन प्लान बनाने के लिए एमसीडी को जिम्मेदारी दी गई है। एमसीडी से एक्शन प्लान के तहत घर के बाहर फेंके गए कूड़े को आग लगने से पहले ही एकत्र कर कूड़ा घर पहुंचाने के लिए कहा गया है, जिससे कूड़े में लगने वाली आग की घटनाओं को रोका जा सके। ठंड से बचने के लिए लोग कूड़ा न जलाए इसका एक वैकल्पिक प्लान बनाने को भी कहा गया है। वहीं, वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। विभाग को प्रदूषण सर्टिफिकेट की निगरानी को गति देने के लिए एक्शन प्लान बनाने को भी कहा है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए एक्शन प्लान बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
बस खराब होने पर नजदीकी डिपो से मैकेनिक भेजने के निर्देश
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि डीटीसी की या क्लस्टर की बसें सड़क पर खराब होने पर उसे ठीक करने के लिए सबसे करीबी डिपो से मकैनिक भेजा जाए। अभी तक यह व्यवस्था नहीं है। विभाग को इस समस्या से निपटने के लिए एक रचनात्मक कार्य योजना बनाने के लिए कहा गया है। दिल्ली के अंदर हॉटस्पॉट की एमसीडी नोडल एजेंसी है। हॉटस्पॉट की निगरानी की जिम्मेदारी एमसीडी को दी गई है।