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सीपी में प्रदर्शनों पर रोक की मांग: दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, कारोबार प्रभावित होने पर मुआवजे की गुहार
Fri, 16 Oct 2026 08:36 PM IST
Digvijay Singh
एजेंसी, आईएएनएस
एजेंसी, आईएएनएस
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 16 Oct 2026 08:36 PM IST
सार
दिल्ली के कनॉट प्लेस के एक रेस्तरां पार्टनर आयुष चोपड़ा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अधिकारियों से व्यावसायिक केंद्र में अनधिकृत विरोध-प्रदर्शनों या भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति न देने की मांग की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली के कनॉट प्लेस के एक रेस्तरां पार्टनर आयुष चोपड़ा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अधिकारियों से व्यावसायिक केंद्र में अनधिकृत विरोध-प्रदर्शनों या भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति न देने की मांग की है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसे प्रदर्शनों से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है।
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वकील उमंग त्यागी ने शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे के सामने यह याचिका रखी। हाई कोर्ट ने बताया कि गुरुवार को इसी तरह की याचिकाओं पर एक आदेश पारित किया गया था। इस मामले पर अब 27 अक्तूबर को सुनवाई होगी। याचिका में 10 अक्तूबर को 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुए नुकसान का आकलन और जिम्मेदार लोगों से मुआवजे की भी मांग की गई है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने की अपील की है, जिसे याचिका में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह नहीं माना गया है।
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आर्थिक नुकसान का दावा
याचिका में कहा गया है कि 10 अक्तूबर को सीजेपी की भीड़ के कारण कनॉट प्लेस में दुकानें बंद करनी पड़ीं। इससे दिल्ली के कई बाजारों में कामकाज ठप हो गया। व्यापारी संगठनों के अनुमानों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 10 अक्तूबर को कनॉट प्लेस में 150 करोड़ से 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पूरी दिल्ली में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। याचिकाकर्ता ने नवरात्र के समय सहित अपने रेस्तरां के कारोबार में भारी गिरावट का दावा किया है।
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विरोध के अधिकार पर तर्क
याचिकाकर्ता का तर्क है कि विरोध करने के अधिकार और व्यापारियों के कारोबार चलाने के मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन होना चाहिए। प्रदर्शन केवल निर्धारित जगहों पर ही होने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि विरोध का अधिकार कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। याचिका में भारत सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट में सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन से जुड़ी कार्रवाई चल रही है, जिसमें पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने का आश्वासन दिया है।