{"_id":"621e218b4f368f11f805f2ae","slug":"demand-for-giving-jobs-to-relatives-of-deceased-teachers-from-corona-60-died-so-far","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजनों को नौकरी देने की मांग, अब तक 60 की हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजनों को नौकरी देने की मांग, अब तक 60 की हुई मौत
Tue, 01 Mar 2022 07:07 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 01 Mar 2022 07:07 PM IST
सार
डीटीए का कहना है कि मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या डीयू के कॉलेज शिक्षकों की है। डीटीए अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने बताया कि हाल ही में पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफसर 48 वर्षीय डॉ. अनिल कुमार सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : Pixabay
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय व उससे संबद्ध सभी कॉलेज व विभागों में अब तक 60 से अधिक शिक्षकों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हुई है। इनमें स्थायी शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक व तदर्थ शिक्षक शामिल हैं। अब कोरोना के कारण जान गंवाने वाले इन शिक्षकों के परिजनों को नौकरी दिए जाने की मांग उठने लगी है। आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेश कुमार सिंह से मांग की है कि पिछले दो साल में कोरोना व अन्य बीमारी से मरने वाले शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक मदद के साथ एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए।
विज्ञापन
डीटीए का कहना है कि मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या डीयू के कॉलेज शिक्षकों की है। डीटीए अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने बताया कि हाल ही में पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफसर 48 वर्षीय डॉ. अनिल कुमार सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें दो बार कोरोना भी हुआ था। परिवार में कमाने वाले ये अकेले सदस्य थे। डॉ. सुमन ने कहा कि कोरोना से मरने वाले शिक्षकों के लिए प्रशासन को एक कमेटी गठित करनी चाहिए। इसमें पूर्व एकेडमिक काउंसिल सदस्य, वर्तमान एकेडमिक काउंसिल सदस्य, ईसी सदस्यों व डूटा के सदस्यों को शामिल किया जाए।
विज्ञापन
जल्द ही यह कमेटी अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिए जाने के बारे मे जानकारी जारी करे। उन्होंने कुलपति से मांग की है कि कोरोना काल के दौरान जिन शिक्षकों की मृत्यु हुई है उनके परिवार को टीचर्स वेलफेयर फंड से व तदर्थ शिक्षकों को भी स्थायी शिक्षकों की भांति आर्थिक मुदद मुहैया कराई जाए। वहीं वेलफेयर फंड से दी जाने वाली राशि को बढ़ाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन