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Delhi News: बहन की शादी के लिए जमा करने थे पैसे, की नौकरी, ड्यूटी पर चली गई जान
Sun, 22 May 2022 04:51 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 22 May 2022 04:51 AM IST
सार
करण के पिता राजू का कहना है कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले कार चालक को कम से कम उनके बेटे को अस्पताल पहुंचाना चाहिए था। इससे उसकी जान बच जाती और वह उन लोगों के बीच होता। बेटा की बातों को याद करते ही उनकी आंखों में आंसू निकल आते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सड़क दुर्घटना में मृत जेप्टो एप का डिलीवरी बॉय करण अपनी बहन की शादी के लिए पिता को आर्थिक मदद करना चाहता था। इसलिए दो माह पहले उसने जेप्टो एप में काम करना शुरू कर दिया। उसकी बहन की नवंबर में शादी होनी है।
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पिता राजू सिसोदिया ने बताया कि करण के करीब 40 से अधिक दोस्त डिलिवरी बॉय का ही काम करते है। अपने दोस्तों के साथ वह भी काम करने लगा। उसे करीब 18 हजार रुपये वेतन मिल रहा था। सड़क हादसे में इकलौते बेटे की मौत के बाद से पिता और परिवार के सभी सदस्यों पर पहाड़ टूट पड़ा है।
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करण के पिता राजू का कहना है कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले कार चालक को कम से कम उनके बेटे को अस्पताल पहुंचाना चाहिए था। इससे उसकी जान बच जाती और वह उन लोगों के बीच होता। बेटा की बातों को याद करते ही उनकी आंखों में आंसू निकल आते हैं।
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पिता बताते हैं कि उनका करण घर की देखभाल ही नहीं, अपनी बहन की शादी के लिए पैसे का इंतजाम कर रहा था। इसलिए वह पिछले दो माह से घरेलू उत्पाद की डिलिवरी करने वाली एप में नौकरी करने लगा था। करण (18) अपने पिता राजू, मां और दो बहनों के साथ द्वारका जिले के गोयला इलाके में रहता था। उसके पिता राजू सिसोदिया गुरुग्राम के गोल्फ क्लब में काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि 16 मई की रात करण घर के पास ही स्कूटी से डिलिवरी करने गया था। जहां से वह वापस घर आ रहा था। वह अक्सर डिलिवरी करने के लिए अपने अन्य सहयोगी कर्मचारी के साथ जाता था। लेकिन उस रात घर के नजदीक की डिलिवरी होने की वजह से वह अकेले गया था।
घटना के कुछ देर बाद उसका एक दोस्त डिलिवरी कर आ रहा था। सड़क किनारे भीड़ देखकर वह रूका और उसने करण को घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा हुआ देखा। उसने तुरंत उन्हें फोन किया। जब वह भागकर उस जगह पर पहुंचे तो देखा कि करण सड़क के किनारे अचेत पड़ा था और उसकी स्कूटी क्षतिग्रस्त हालत में वहीं पड़ी थी।
लोगों ने बताया कि कार ने उसकी स्कूटी में टक्कर मारी थी। करण को तुरंत पास के अस्पताल में ले गए। जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वह भगवान से दुआ करते रहे कि उनका बेटा ठीक हो जाए लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। 18 मई को करण ने दम तोड़ दिया।
राजू ने कहा कि वह चाहते हैं कि हादसा को अंजाम देने वाले आरोपी चालक की गिरफ्तारी हो और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने बताया कि जेप्टो कंपनी ने 10 लाख की तत्काल वित्तीय सहायता और 8 लाख के अतिरिक्त बीमा अनुदान परिवार की मदद के लिए देने की घोषणा की है।
कुचलने वाले वाहन का सुराग मिला
द्वारका साउथ इलाके में जेप्टो एप के डिलीवरी बॉय को कुचलने के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार नहीं कर पाई है लेकिन बताया जा रहा है कि उस वाहन की पहचान कर ली गई है, जिसने दुर्घटना हुई थी।
पुलिस उस वाहन के मालिक का पता लगाकर उसे दबोचने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि आरोपी वाहन चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
16 मई की रात अज्ञात वाहन ने गोयला निवासी करण की स्कूटी में टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया था। करण घरेलू उत्पाद की डिलीवरी करने वाले एप में काम करता था और घटना के समय वह सामान की डिलीवरी करने के बाद घर जा रहा था।
करण की इलाज के दौरान 18 मई को मौत हो गई। दुर्घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने का मामले दर्ज कर जांच शुरू की। किसी ने परिवार वालों को बताया कि करण की स्कूटी को किसी कार ने टक्कर मारी।
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल के आस पास के करीब सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि फुटेज में वाहन का पता चल गया। उसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त है। पुलिस ने उस वाहन का नंबर लेकर उस पते पर पहुंची लेकिन वहां से गाड़ी मालिक गायब मिला है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन को जब्त करने के बाद ही उसकी जांच की जाएगी तभी पता चल पाएगा कि वाहन कैसे क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारी का दावा कर रहे हैं।