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Delhi : दिल्ली के राज्य पक्षी गौरेया को मांडू गांव में मिलेगा सरंक्षण, पर्यावरण मंत्री ने किया दौरा

Sat, 21 May 2022 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 21 May 2022 06:40 AM IST
सार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गढ़ी मांडू इलाके में गौरेया ग्राम बनाया गया है, जहां प्राकृतिक आवास में पक्षियों का संरक्षण हो सकेगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को गौरेया ग्राम का दौरा किया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक माध्यम से लोगों को इस पक्षी के बारे में जागरूक किया गया।

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Delhi's state bird Sparrow will get protection in Mandu village, Environment Minister visited
मांडू गांव में गोपाल राय... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में दिल्ली के राज्य पक्षी गौरेया को बचाने के लिए पहल की गई है। इसके तहत उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गढ़ी मांडू इलाके में गौरेया ग्राम बनाया गया है, जहां प्राकृतिक आवास में पक्षियों का संरक्षण हो सकेगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को गौरेया ग्राम का दौरा किया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक माध्यम से लोगों को इस पक्षी के बारे में जागरूक किया गया।

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गोपाल राय ने कहा कि गढ़ी मांडू स्थित शहरी वन में दिल्ली का पहला गौरेया ग्राम विकसित किया गया है। गौरेया ग्राम में कीट घर और तितलियों के लिए प्राकृतिक आवास भी बनाया गया है। साथ ही सामान्य जनता के लिए हर्बल गार्डन की सुविधा भी उपलब्ध कराइ गई है। गौरेया ग्राम का मुख्य उद्देश्य गौरेया पक्षी को पारिस्थितिकी सहयोग देना है।
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राय ने कहा कि कुछ साल पहले गौरैयों की संख्या में तेजी से गिरावट हुई है। कई अध्ययनों ने इसे दिल्ली में बढ़ रहें शहरीकरण और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग और  विद्युत चुंबकीय विकिरण को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। कृषि में बढ़ रहे कीटनाशकों के उपयोग से गौरेया पक्षियों के लिए भोजन की कमी हो गई है, जिसके कारण उनकी प्रजाति भी धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। 
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गौरेया ग्राम की विशेषताएं
गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में पहले चरण में तैयार किए जाने वाले विश्व स्तरीय शहरी वनों में शामिल गढ़ी मांडू में इसका निर्माण किया गया है। इस ग्राम  में दिल्ली के राज्य पक्षी गौरैया के जीवन चक्र का चित्रण किया गया है। यहा गौरेया पक्षियों के खाने के लिए कीट घर बनाए गए हैं ताकि पक्षियों को भोजन के लिए भटकना ना पड़े। साथ ही शहरों में घोसले की कमी को देखते हुए यहां घोंसले के होल का निर्माण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि गौरैया के लिए यहां विभाग द्वारा करोंदा और कुंडली जैसे देशी जामुन, घास और झाड़ियां लगाई हैं। इसके साथ ही गौरैया ग्राम में फीडर बाक्स, कृत्रिम घोंसले और मिट्टी के बर्तन भी रखे गए हैं। तितलियों के लिए भी प्राकृतिक आवास का विकास किया गया है, जिसके कारण उनकी संख्या में पहले से काफी वृद्धि देखी गई है। 

सामान्य जनता के लिए हर्बल गार्डन
गौरेया ग्राम में सामान्य जनता के लिए हर्बल गार्डन भी खोला गया है। इस गार्डन से लोग औषधीय पौधों को मुफ्त में अपने घर उपयोग के लिए ले जा सकते हैं। इनमे पत्थर चट्टा अजवायन, तुलसी व एलोवेरा आदि पौधे शामिल हैं। 


विश्वस्तरीय तैयार होंगे चार शहरी वन
दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वन एवं वन्य जीव विभाग ने दिल्ली के चारों कोनो में मौजूद मुख्य चार शहरी वनों को पहले प्रारंभिक चरण में विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इनमे दक्षिण पश्चिम दिल्ली का मित्राओं शहरी वन , उत्तरी दिल्ली का अलीपुर शहरी वन, पूर्वी दिल्ली का गढ़ी मांडू शहरी वन और दक्षिण दिल्ली का जौनापुर शहरी वन है। यह चारों वन दिल्ली के लगभग 286 एकड़ में फैले हुए हैं। इस परियोजना के तहत मित्राऊ शहरी वन के पॉकेट ए और बी का 98 एकड़, अलीपुर शहरी वन का 48 एकड़, गढ़ी मांडू शहरी वन का  42 एकड़ और जौनापुर शहरी वन का 98 एकड़ में विकास किया जाएगा।

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