Delhi Air Quality : हवा के रुख और रफ्तार से प्रदूषण में कमी, पर अब बिगड़ सकते हैं हालात
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तेज हवा, न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर बढ़ने से दिल्ली में वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद मौसम में आए बदलाव से दिसंबर के पहले पखवाड़े में प्रदूषण औसत स्तर पर है। दिसंबर के आखिर से नए साल के बीच तापमान के अंतर और हवा की गति में कमी से प्रदूषण बढ़ने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के चले जाने के बाद हवा की गति में आई तेजी से प्रदूषकों को बिखरने का मौका मिला। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के दौरान हवा की गति कम रहने की वजह से प्रदूषण स्तर फिर बिगड़ सकता है।
पिछले तीन दिन से दिल्ली में प्रदूषण औसत स्तर पर है। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)में सुधार दर्ज किया गया। सीपीसीबी के पूर्व अतिरिक्त निदेशक दीपांकर शाहा के मुताबिक हवा की रफ्तार के साथ न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर अधिक हो तो हवा की गुणवत्ता बेहतर होती है।
प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद हवा की रफ्तार बढ़ने का सीधा असर प्रदूषण पर पड़ता है। हवा साफ होने के साथ-साथ उत्तर पश्चिमी हवाएं बहने लगी। इससे प्रदूषकों को इकट्ठा होने का मौका नहीं मिला। पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद हवा की रफ्तार थोड़ी कम होती है और तापमान में भी कमी होने की संभावना रहती है। पिछले साल की तुलना में एक्यूआई पिछले दिनों में इन वजहों से ही सुधार हुआ।
एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
- गुरुग्राम-221
- फरीदाबाद-191
- दिल्ली-189
- ग्रेटर नोएडा-171
- गाजियाबाद-150
- नोएडा-137