तस्करी का 'सरदार': कार पर भारत सरकार लिखकर करता था गांजे की सप्लाई, 102 करोड़ रुपये का गांजा बरामद
आरोपी ने गांजे को छिपाने के लिए डिग्गी में विशेष जगह बना रखी थी। इसने एक पावर बटन बना रखा था, जो मैट के नीचे छिपा हुआ था। कार के बैक गेयर में होने के बाद ही वह बटन दबाने पर कार की डिग्गी खुलती थी।
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वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस ने ऐसे मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया है जो एसएक्स4 कार पर आगे-पीछे भारत सरकार लिखकर गांजे की सप्लाई करता था। उसने कार पर आगे सरकारी अफसर की तरफ राष्ट्रीय ध्वज लगाया हुआ था। साथ में उसने कार में पुलिस वाला सायरन भी लगा रखा था। आरोपी उत्तम नगर निवासी ईश्वर सिंह(55) अपनी पहचान छिपाने के लिए सिख बनकर रहता था। उसके कब्जे से 102 करोड़ रुपये की कीमत का बढ़िया क्वालिटी का 109.7 किलो गांजा बरामद किया गया है। आरोपी पैरोल जंप कर गया था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को पकड़ने के लिए एसीपी वसंतकुंज अजय वेदवाल की देखरेख में वसंतकुंज(साउथ) थानाध्यक्ष नीरज चौधरी, इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई सुरेश ढाका व एसआई सुमित की विशेष टीम बनाई गई। इस टीम को पता लगा कि कोरोना के कारण ईश्वर सिंह को 20 अप्रैल, 2020 को पैरोल मिली थी और आरोपी ने जेल में फरवरी, 21 में आत्मसमर्पण नहीं किया है। सरेंडर नहीं करने पर कोर्ट ने उसे 15 फरवरी, 22 को भगोड़ा घोषित कर दिया है।
ईश्वर सिंह को वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। एसआई सुरेश ढाका को ये पता लगा कि दिल्ली का सबसे बड़ा मादक पदाथ तस्कर माने जाने वाला इंद्रपुरी निवासी धर्मेंद्र पल्ला का साथी ईश्वर सिंह अकेले ही मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। सुरेश ढाका को ये भी सूचना मिली थी कि गांजे की बड़ी खेप ईश्वर सिंह लेकर आने वाला है।
पुलिस टीम ने अंधेरिया मोड, वसंतकुंज में घेराबंदी की। पुलिस ने सरकारी जैसी दिखने वाली मारुति सुजुकी एसएक्स4 कार को रूकवाया। कार पर आगे राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ था। साथ में बोनट पर भारत सरकार लिखा हुआ था। कार के विंडो पैनल सफेद पर्दों से ढके हुए थे जो इसे सरकारी लुक दे रहे थे। कार चला रहे आरोपी की पहचान ईश्वर सिंह के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कार की डिग्गी से 109.7 किलो गांजा बरामद किया गया।
बैक गेयर में डालने पर डिग्गी खुलती थी
आरोपी ने गांजे को छिपाने के लिए डिग्गी में विशेष जगह बना रखी थी। इसने एक पावर बटन बना रखा था, जो मैट के नीचे छिपा हुआ था। कार के बैक गेयर में होने के बाद ही वह बटन दबाने पर कार की डिग्गी खुलती थी। उसने कार में गांजे को विशेष रूप से पैक किए गए 51 कॉर्टन में छिपाकर रखा हुआ था।
आरोपी सिख बनकर रहता था
आरोपी सिख बन अपनी पहचान बदलकर रहता था। उसने दाढ़ी बढ़ा रखी थी और पगड़ी बांधकर रहता था। आरोपी ने पुलिस व लोगों को धोखा देने के लिए अपनी पहचान बदली हुई थी। इसके पास एक फर्जी ड्राइविंग लाईसेंस था। इसने हैप्पी सिंह के नाम से फर्जी लाइसेंस लुधियान, पंजाब से बनवा रखा था। आरोपी ने बताया कि वह गांजे की खेप उड़ीसा से लाता था। इसके बाद ये दिल्ली-एनसीआर में गांजे को सप्लाई करता था। आरोपी के खिलाफ दो मामले पहले से दर्ज हैं।