ओखला मंडी बंद, आजादपुर में दो मेडिकल टीमें तैनात, मंडी में काम करने वालों की होगी स्क्रीनिंग
दिल्ली की फल व सब्जी मंडी में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ने से प्रशासन भी अब सजग हो गया है। ओखला मंडी को जहां सैनिटाइज करने के लिए बंद कर दिया गया है, वहीं आजादपुर मंडी को दिन में दो बार सैनिटाइज किया जा रहा है।
आजादपुर मंडी में 16 लोगों के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आजादपुर मंडी में दिल्ली सरकार की तरफ से दो मेडिकल टीमें तैनाती की गई हैं। यह टीमें मंडी में स्थित 2 मोहल्ला क्लीनिक, एक सब्जी मंडी और दूसरी फल मंडी में सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तैनात की गई हैं।
मंडी में काम करने वाले व्यापारी, किसान, मजदूर, पल्लेदार और ड्राइवरों समेत अन्य कार्यरत लोगों की मुफ्त में जांच करेंगी। मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने बताया कि मंडी में काम करने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर उनका कोरोना टेस्ट भी करवाएंगे। शुक्रवार को टीमों ने अपना काम शुरू कर दिया। मंडी आने वाले सभी मजदूरों, व्यापारी, ड्राइवर और किसानों को मास्क दिया जा रहा है।
25 दुकानें सील, 43 लोग क्वारंटीन
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आजादपुर मंडी में 25 दुकानें सील की गई हैं और 43 लोगों को अभी तक क्वारंटीन किया गया है। उधर, मंडी के सदस्य अनिल मल्होत्रा ने मेडिकल कैंप लगाए जाने की सराहना की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि ओखला मंडी को तो वायरस के संक्रमण की वजह से बंद कर दिया गया है, लेकिन आजादपुर मंडी के व्यापारियों को क्यों संक्रमित होने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया गया है कि मंडी में 27 लोग संक्रमण का शिकार हुए हैं, एक की मौत भी हो गई है।
जांच के लिए टोकन मिलना चाहिए
व्यापारियों ने आजादपुर मंडी के सचिव तनवीर अहमद की मेडिकल कैंप लगवाने के लिए सराहना की है। व्यापारियों ने अहमद से मांग की है कि एक हेल्पलाइन नंबर जारी करवाएं। हर व्यक्ति को टोकन नंबर देकर उसकी मेडिकल जांच करवाई जाए।
मंडी में आवक
आजादपुर मंडी में शुक्रवार को सब्जियों और फल मिलाकर 5760 टन आवक रही। बृहस्पतिवार को आवक करीब 6 हजार टन दर्ज की गई थी। लॉकडाउन के बाद से मंडी में आवक लगभग 7000 से 8000 तक दर्ज की जा रही थी। मंडी के चेयरमैन के अनुसार, वर्तमान में मांग के अनुपात में सब्जियां और फलों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। थोक भाव में दाम सामान्य रहे हैं। किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई है।