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जीटीबी में अचानक हड़ताल, बेहाल हुए मरीज, समझाने के बाद काम पर लौटे डॉक्टर

Sun, 18 Apr 2021 03:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Apr 2021 03:46 AM IST
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Delhi news: Sudden strike in GTB hospital
जीटीबी अस्पताल

पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के कोविड वार्ड में तैनात डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे कोरोना मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड में डॉक्टरों के न होने से बेड उपलब्ध होने के बावजूद भी मरीज को भर्ती नहीं किया जा सका। शाहदरा से इलाज के लिए पहुंची कोरोना संक्रमित वृद्ध महिला को कई घंटों तक वार्ड के बाहर ही एंबुलेंस में ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रहना पड़ा।

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शाहदरा निवासी वीरमती (68) कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गई थीं। शनिवार को तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल लेकर जाया गया, लेकिन वहां बेड उपलब्ध न होने के कारण मरीज को जीटीबी अस्पताल भेजा गया। मरीज की बेटी रेखा ने बताया कि दोपहर 3 बजे वह मां को लेकर जीटीबी पहुंची, लेकिन आपातकालीन विभाग में बने कोरोना वार्ड में डाक्टर नहीं मिले। वहां बताया गया कि सुबह किसी मरीज के परिजनों से हुई कहासुनी के बाद डाक्टर व अन्य स्टाफ के लोग घर चले गए हैं।
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मरीज को हो रही परेशानी को लेकर अस्पताल के कोविड आईसीयू विभाग के चिकित्सा अधीक्षक से फोन कर जब इस समस्या के बारे में बोला गया तो वह भर्ती करने की बात बोलते रहे, लेकिन मरीज को भर्ती नहीं किया जा सका। मजबूर होकर तीमारदारों ने रोगी को स्ट्रेचर पर लिटाकर खुद ही आक्सीजन सिलिंडर लगाया। देर रात तक बुजुर्ग महिला को इलाज नहीं मिल सका था।
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कई अस्पतालों में है बेड कि किल्लत
अस्पतालों में एक बिस्तर के लिए 40 से 50 लोगों की वेटिंग है। शालीमार बाग अस्पताल में फोन करके खाली बेड के बारे में पता करने पर बताया गया कि फिलहाल कोई बेड खाली नहीं है। महाराजा अग्रसेन अस्पताल में तो 100 मरीजों वेटिंग बताई गई। तीरथ राम शाह, वेंकेटेश्वर, सरोज सुपर स्पेशियलटी, जयपुर गोल्डन, श्री बालाजी एक्शन अस्पताल का भी यही हाल रहा। बड़े सरकारी अस्पतालों की बात करें तो राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी और सफदरजंग अस्पताल में भी कोई वेंटिलेटर बेड खाली नहीं हैं। लोकनायक अस्पताल में एक ही वेंटिलेटर बेड शाम तक खाली था। 

महिला डॉक्टर के साथ हुई थी बदसलूकी
जीटीबी अस्पताल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मरीज के तीमारदार द्वारा बदसलूकी किए जाने की वजह से डॉक्टरों ने कई घंटे के लिए काम ठप कर दिया। इसकी वजह से अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी में भर्ती बंद होने से अस्पताल के बाहर एंबुलेंस की लंबी कतार लग गई।


रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अंकित लूथरा ने बताया कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के बेड काफी कम होने की वजह से आए दिन डॉक्टरों के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आ रही हैं। एक सप्ताह के भीतर कोई ऐसा दिन नहीं गया, जिस दिन डॉक्टरों के साथ बदसलूकी न हुई हो। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की तरफ से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। शनिवार को कई घंटे तक इमरजेंसी में मरीजों का एडमिशन बंद होने की वजह से अस्पताल के बाहर एंबुलेंस की लंबी कतार लग गई। इसके बाद हाल ही में दिल्ली सरकार की ओर से अस्पताल में नियुक्त किए गए नोडल ऑफिसर और डॉक्टर के बीच बातचीत के बाद डॉक्टर काम पर लौट गए।

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