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राहत की बात : 18 महीने में पहली बार कोरोना से सबसे कम मौतें, दिल्ली के हालात काबू में
Mon, 27 Sep 2021 04:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 27 Sep 2021 04:28 AM IST
सार
एक से 25 सितंबर के बीच सिर्फ तीन दिन संक्रमण से लोगों की जान गई। विशेषज्ञों ने कहा- अब पहले की तरह हर किसी को नहीं रहेगा वायरस का खतरा।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
18 महीने से राजधानी के लोग कोरोना महामारी का सामना कर रहे हैं। इस दौरान हर महीने कई लोगों की संक्रमण के चलते मौतें होती रहीं, लेकिन पहली बार अब तक सितंबर माह में 23 दिन कोरोना वायरस जानलेवा नहीं रहा। एक से 25 सितंबर के बीच सिर्फ तीन दिन एक-एक मरीज की मौत दर्ज की गई है। जबकि अन्य महीनों में यह आंकड़ा कभी 100 तो कभी आठ हजार तक पहुंचा।
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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में अब तक 25,085 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अगर इस माह की बात करें तो 7, 16 और 17 सितंबर को एक-एक मरीज की मौत हुई है। राहत की बात है कि बीते नौ दिन से एक भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है। वह भी तब जब अस्पतालों में 217 संक्रमित मरीज भर्ती हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस से मौतें कम होने के पीछे टीकाकरण और संक्रमण का हाल ही में सामुदायिक प्रसार होना है। दिल्ली में औसतन रोज 1.50 लाख लोग वैक्सीन लगवा रहे है। चार महीने पहले दूसरी लहर में दिल्ली सहित पूरे देश ने प्रकोप झेला था। इस दौरान आबादी का एक बड़ा हिस्सा संक्रमण की चपेट में आया, जिसकी वजह से लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो चुकी हैं।
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सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि टीकाकरण की रफ्तार ने कोरोना वायरस पर काफी गहरा असर दिया है। वैक्सीन की एक और दोनों खुराक लेने से आबादी का बड़ा हिस्सा सुरक्षित हुआ है। वहीं 45 वर्ष से ज्यादा आयु के अधिक जोखिम वालों लोगों में संक्रमण का असर भी हल्का हुआ है। वहीं, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र वर्मा ने बताया कि वायरस अब पहले जैसा आक्रामक नहीं रहा। आगामी दिनों में और भी स्थिति में अधिक सुधार देखने को मिल सकता है। क्योंकि दिल्ली में एकल खुराक का टीकाकरण भी लगभग 70 फीसदी से अधिक हो चुका है।
दरअसल दिल्ली में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की कुल आबादी 1.50 करोड़ है। कोविन वेबसाइट के अनुसार इनमें से 1.17 करोड़ लोग वैक्सीन की एक खुराक ले चुके हैं। जबकि 54.12 लाख लोग यानी दिल्ली में हर तीसरा वयस्क दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुका है।
मई में सबसे अधिक आठ हजार मौतें
इसी साल मई माह में सबसे अधिक आठ हजार लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई है। उस दौरान पूरा देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा था। आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में कोरोना संक्रमण से पहले दो मरीजों की मौत 30 मार्च 2020 को दर्ज की गई थी लेकिन इस साल की स्थिति देखें तो जनवरी में 313, फरवरी में 61, मार्च में 117, अप्रैल में 5120, मई में 8004, जून में 826, जुलाई में 76 और अगस्त के महीने में 31 लोगों की मौत हुई है। जबकि सितंबर महीने में तीन मौतें अब तक दर्ज हुई हैं।
पिछले साल सितंबर में 917 की मौत
अगर पिछले साल के सितंबर माह से तुलना करें तो एक महीने में 917 मरीजों ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया था। पिछले साल मार्च से जुलाई तक पांच महीनों में 3936 मरीजों की मौत हुई थी लेकिन इसके बाद अगस्त में 508, सितंबर में 917, अक्तूबर में 1150, नवंबर में 2663 और दिसंबर माह में 1362 मरीजों की मौत हुई थी।