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Delhi Metro : नुकसान की भरपाई की जुगत, मेट्रो तलाश रही परामर्श सेवाओं में संभावनाएं
Mon, 22 Aug 2022 04:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 22 Aug 2022 04:52 AM IST
सार
Delhi Metro : कोरोना महामारी के दौरान मेट्रो की सेवाएं साढ़े पांच महीने तक बंद रही थीं। इस दौरान किराये के मद में उन्हें राहत भी दी गई थी। कुल मिलाकर डीएमआरसी को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3513. 31 करोड़ का नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई के लिए डीएमआरसी परामर्श सेवाओं का विस्तार कर रही है।
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delhi metro
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना काल में हुए करोड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन परामर्श सेवाओं में संभावनाएं तलाश रही है। कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की सेवाएं साढ़े पांच महीने तक बंद रही थीं।
इस दौरान किराये के मद में उन्हें राहत भी दी गई थी। कुल मिलाकर डीएमआरसी को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3513. 31 करोड़ का नुकसान हुआ। इसमें केवल साढ़े पांच महीने तक यात्री सेवाएं बंद होने के कारण 2200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए डीएमआरसी परामर्श सेवाओं का विस्तार कर रही है।
कोविड नियमों में छूट मिलने के बाद यात्रियों की संख्या में धीरे धीरे बढ़ोतरी होने लगी। लॉकडाउन से पहले रोजाना दिल्ली मेट्रो में 60 लाख से अधिक यात्राएं होती थी। फिलहाल यह घटकर 80 फीसदी तक रह गया है। हालांकि कुछ दिन पहले डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने कहा था कि पूरी दुनिया की मेट्रो को कोविड के दौरान नुकसान से जूझना पड़ा।
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वित्त वर्ष 2020-21 की रिपोर्ट के मुताबिक परामर्श सेवाएं, परिचालन और संपत्तियों से होने वाली कमाई से डीएमआरसी को 3289.20 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। इस दौरान डीएमआरसी का खर्च 6802.71 करोड़ रुपये रहा यानी 3513.51 करोड़ रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।
डीएमआरसी को इस दौरान परामर्श सेवाओं सहित दूसरे मदों से 3289.20 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। परामर्श सेवाएं से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी को देखते हुए डीएमआरसी विदेश की परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रही है।
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इस दौरान किराये के मद में उन्हें राहत भी दी गई थी। कुल मिलाकर डीएमआरसी को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3513. 31 करोड़ का नुकसान हुआ। इसमें केवल साढ़े पांच महीने तक यात्री सेवाएं बंद होने के कारण 2200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए डीएमआरसी परामर्श सेवाओं का विस्तार कर रही है।
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कोविड नियमों में छूट मिलने के बाद यात्रियों की संख्या में धीरे धीरे बढ़ोतरी होने लगी। लॉकडाउन से पहले रोजाना दिल्ली मेट्रो में 60 लाख से अधिक यात्राएं होती थी। फिलहाल यह घटकर 80 फीसदी तक रह गया है। हालांकि कुछ दिन पहले डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने कहा था कि पूरी दुनिया की मेट्रो को कोविड के दौरान नुकसान से जूझना पड़ा।
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वित्त वर्ष 2020-21 की रिपोर्ट के मुताबिक परामर्श सेवाएं, परिचालन और संपत्तियों से होने वाली कमाई से डीएमआरसी को 3289.20 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। इस दौरान डीएमआरसी का खर्च 6802.71 करोड़ रुपये रहा यानी 3513.51 करोड़ रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।
डीएमआरसी को इस दौरान परामर्श सेवाओं सहित दूसरे मदों से 3289.20 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। परामर्श सेवाएं से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी को देखते हुए डीएमआरसी विदेश की परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रही है।