फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi High Court to hear Aiims seven doctors plea today against Ramdev remarks on allopathy

रामदेव: एलोपैथिक पर टिप्पणी की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में आज, एम्स के चिकित्सकों ने दायर की थी याचिका

Fri, 30 Jul 2021 08:18 AM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Fri, 30 Jul 2021 08:18 AM IST
सार

याचिका में कहा गया है कि रामदेव के बयान से लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, ऐसे लोग भी एलोपैथिक उपचार से किनारा कर सकते हैं, जिन्हें सरकार ने इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी है।

विज्ञापन
Delhi High Court to hear Aiims seven doctors plea today against Ramdev remarks on allopathy
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय में आज (30 जुलाई) योग गुरु रामदेव द्वारा एलोपैथिक इलाज को लेकर की गई टिप्पणी पर सुनवाई होगी। इस संबंध में दिल्ली एम्स के सात चिकित्सकों ने याचिका दायर की थी। बता दें कि रामदेव के खिलाफ यह याचिका सोमवार (26 जुलाई) को दायर की गई थी, लेकिन एकल पीठ के न्यायाधीश सी हरिशंकर के नहीं आने के चलते मामले की सुनवाई नहीं हुई थी। 

विज्ञापन

रामदेव पर यह है आरोप

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने योग गुरु रामदेव पर एलोपैथिक उपचार के खिलाफ भ्रम फैलाने और दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है। दरअसल, रामदेव ने कहा था कि कोरोना वायरस से संक्रमित हजारों लोगों की मौत के लिए एलोपैथी जिम्मेदार है। साथ ही, इन लोगों की मौत का कारण एलापैथिक तरीके से इलाज करने वाले चिकित्सकों को बताया था। याचिका में कहा गया है कि रामदेव लोगों के मन में सिर्फ एलोपैथी को लेकर ही नहीं, बल्कि कोविड-19 रोधी टीकों को लेकर भी भ्रम पैदा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सकों ने याचिका में कही यह बात

याचिका में कहा गया है कि रामदेव के बयान से लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, ऐसे लोग भी एलोपैथिक उपचार से किनारा कर सकते हैं, जिन्हें सरकार ने इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी है। मेडिकल असोसिएशन ने अपनी दलील में यह आरोप भी लगाया कि रामदेव द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाएं कुछ और नहीं, बल्कि उनके अपने कोरोनिल जैसे उत्पादों का प्रचार है, जिन्हें वह कोविड-19 का वैकल्पिक उपचार बताते हैं। चिकित्सकों का अनुरोध है कि रामदेव को इस तरह के दुष्प्रचार करने से रोका जाए, क्योंकि अगस्त 2021 तक देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है और उससे काफी लोग प्रभावित हो सकते हैं।

विज्ञापन

तीन जून को भेजा गया था समन

बता दें कि उच्च न्यायालय ने रामदेव को तीन जून को समन जारी किया था। यह समन एलोपैथिक दवाओं के खिलाफ रामदेव के कथित बयानों और पतंजलि की कोरोनिल किट के दावों के संबंध में दिल्ली मेडिकल असोसिएशन (डीएमए) की याचिका के आधार पर भेजा गया था। इसमें समन में मौखिक रूप से कहा गया था कि रामदेव सुनवाई की अगली तारीख 13 जुलाई तक कोई भड़काऊ बयान न दें और मुकदमे का जवाब दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed