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एक साल केजरीवालः दिल्ली सरकार के दखल से संभल गई अर्थव्यवस्था, नई औद्योगिक नीति लागू होने से मिला लाभ
Tue, 16 Feb 2021 06:12 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 16 Feb 2021 06:12 AM IST
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल की बंदी और मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन के बावजूद बीते एक साल में दिल्ली की अर्थव्यवस्था बेपटरी नहीं हुई। दिल्ली सरकार ने इसके लिए कई योजनाओं पर काम किया। नई औद्योगिक नीति लाने के साथ सरकार ने उद्यमियों और बेरोजगारों को एक प्लेटफार्म देने के लिए जॉब पोर्टल लांच किया। श्रमिकों को राहत देने के लिए भत्ता दिया। ऑनलाइन दिल्ली बाजार लांच करने का खाका तैयार किया। रेस्तरां इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए परमिट राज खत्म किया। इसी तरह दिल्ली राज्य औद्योगिक एंव बुनियादा ढांचा विकास निगम ने बवाना औद्योगिक क्षेत्र में कारखानों व भूखंडों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड कर राहत दी।
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नई औद्योगिक नीति लागू की गई
दिल्ली सरकार ने नई औद्योगिक नीति कोरोना काल में लागू की। इसका फोकस सर्विस और आईटी सेक्टर है। दोनों सेक्टर से जुड़े उद्योगों को लगाने की सरकार ने अनुमति दी। अब हाईटेक और सर्विस उद्योग को दिल्ली से बाहर जाने की जरूरत नहीं। उद्योग बदलने पर उद्यमी से कन्वर्जन चार्ज भी नहीं लेकर राहत दी गई।
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जॉब पोर्टल लांच किया
राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वेब पोर्टल की शुरुआत की गई। इस पोर्टल पर कंपनियां योग्य लोगों को पाने के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। साथ ही बेरोजगार भी उचित नौकरी के लिए भी पंजीकृत कर सकते हैं। यह एक रोजगार बाजार जैसा ही है, जहां लॉकडाउन के दौरान कंपनियों को प्रशिक्षित कर्मी मिलने लगे तो इससे नौकरी भी लोगों को मिलेगी।
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निर्माण मजदूरों को दी मदद
निर्माण मजदूरों और ऑटो चालकों को राहत देने के लिए सरकार ने कोविड काल में भत्ता दिया। ऑटो चालकों को करीब 1.56 लाख ऑटो चालकों को एक बार में पांच हजार व करीब 50 हजार निर्माण मजदूरों को हर महीने दस हजार रुपये दिए।
बिजली बिल से राहत
बिजली के फिक्सड चार्ज में राहत, 50 प्रतिशत की कमी की गई। इससे जहां दिल्ली सरकार पर 160 करोड़ का भार बढ़ा तो वहीं 44 हजार औद्योगिक उपभोक्ताओं और 10 लाख के करीब घरेलू व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ मिला।
अन्य
. पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने परमिट राज को खत्म किया। दिल्ली में स्टैंड अलोन रेस्तरां के लिए मंजूरी देने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया।
. ऑनलाइन दिल्ली बाजार लांच किया गया, प्रोडक्ट को प्रमोट करने और पूरी दुनिया के साथ व्यापार करने के लिए इस पोर्ट को लांच किया गया।