अमेरिका में रहने वाले इस शख्स की केजरीवाल ने खुद की थी तारीफ, अब उसी ने खोला मोर्चा
वे आम आदमी पार्टी की एनआरआई सेल के उपाध्यक्ष भी बने। चुनाव जीतने से पहले और उसके बाद जंतर-मंतर पर लोगों के सामने केजरीवाल ने इनका हाथ उठाकर कहा था कि देखो ये डॉक्टर साहब मेरे लिए अमेरिका से आए हैं। 2015 भी डॉ. मुनीश, अरविंद केजरीवाल के साथ रहे। बाद में जब आप ने जब चंदा वेबसाइट बंद की, तो मुनीष ने विरोध का बिगुल बजा दिया। उन्होंने लोगों के साथ धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता से मिले चंदे में गोलमाल है। अब उन्होंने केजरीवाल की पोल खोलने के लिए छह एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री सीरीज, 'ट्रांसपेरेंसी' बनाई है।
डॉ. मुनीश ने बनाई थी ये खास रणनीति
2015 के चुनाव के बाद जब केजरीवाल दूसरी बार सीएम बने, तो भी डॉ. मुनीश दिल्ली में आप के लिए काम करते रहे। उन्होंने एनआरआई समुदाय के साथ मिलकर आप का चुनाव प्रचार किया। चुनाव के दिनों में उन्होंने एक ऐसी रणनीति बनाई, जिसके तहत विदेशों में रहने वाले हजारों भारतीयों को जोड़ा गया। उन्हें टारगेट दिया गया कि वे केजरीवाल की मदद करने के लिए रोजाना दिल्ली के लोगों को फोन कॉल करें।
इस मुहिम के साथ 10 हजार से अधिक एनआरआई जुड़ गए थे। एक वेबसाइट बनाई गई, जिस पर एनआरआई के लिए दिल्ली के वोटरों के नंबर उपलब्ध कराए गए। वहां से नंबर लेकर वे लोग रोजाना दिल्ली वालों को फोन करते थे। बाद में जब प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आनंद कुमार, अजीत झा, एडमिरल एल. रामदास और कई दूसरे नेताओं और पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो डॉ. मुनीष का मन भी खराब हुआ।
कुमार विश्वास जैसे सहयोगी भी केजरीवाल से दूर हो गए। डॉ. मुनीश ने केजरीवाल से आग्रह किया कि वे पार्टी के चंदे की जानकारी देना बंद न करें। इससे लोगों में गलत संदेश जाता है। लोगों ने आप को इसलिए मौका दिया है कि क्योंकि वे आपको दूसरे दलों से अलग समझते हैं। अब चंदे की जानकारी छिपाकर आप भी उन्हीं लोगों की पंक्ति में खड़े हो गए हैं।
पार्टी से भी बाहर किया
जैसे ही इन्होंने केजरीवाल से चंदे का हिसाब-किताब मांगा, तो इन्हें भी पार्टी से बाहर कर दिया गया। डॉ. मुनीश बताते हैं कि मैंने शिकागो से दिल्ली आकर चंदे का हिसाब दो, आंदोलन चलाया था। मेट्रो स्टेशनों के अलावा दिल्ली के कई इलाकों में घूम-घूम कर लोगों को बताया कि केजरीवाल अब पार्टी का चंदा क्यों छिपा रहे हैं। अब डॉ. मुनीश ने केजरीवाल के कथित चंदा घोटाले पर छह एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री सीरीज, 'ट्रांसपेरेंसी: पारदर्शिता' बनाई है।
इसमें अन्ना हजारे के आंदोलन से लेकर मौजूदा स्थिति तक का जिक्र है। डॉ. मुनीश का आरोप है कि इस डॉक्यूमेंट्री को खत्म कराने का भरसक प्रयास किया गया। उन्होंने शुक्रवार को यू-ट्यूब पर इसका पहला एपिसोड जारी कर दिया। हालांकि इससे पहले रायजादा ने फिल्म को बेहद सस्ते रेट पर ऑनलाइन प्लेटफार्म "विमिओ" और "अमेजन वीडियो डायरेक्ट" पर लांच करने के उद्देश्य से फेसबुक पर एक फंड रेजिंग अभियान शुरू किया था। लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स भी मिलने लगा।
इसके बाद अचानक से यह अभियान बंद हो गया। रायजादा ने इसके लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि आप नेता अरविंद केजरीवाल उनकी डॉक्यूमेंट्री से डर गए हैं। उनमें इस बात का डर समा गया है कि डॉक्यूमेंट्री उनके दोहरे चरित्र को जगजाहिर कर देगी।
उदित नारायण और कैलाश खेर ने गाए गाने
उनका दावा है कि अन्ना आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी की परत दर परत और इसके अंदर की अनसुनी कहानियों को यह सीरिज जगजाहिर कर देगी। डॉ. मुनीश के अनुसार, सभी छह एपिसोड एक के बाद एक लॉन्च किए जाएंगे। बता दें कि मुनीश रायजादा फिल्म्स के बैनर तले बनी इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को डॉ. मुनीश ने खुद निर्देशित किया है। इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज में तीन गाने भी हैं जिसे मशहूर बॉलीवुड गायक उदित नारायण और कैलाश खेर ने अपनी खूबसूरत सुरीली आवाज से जीवंत किया है। इन गानों में "झूठ बोल के छली गयी तू" लोगों ने काफी किया है।