फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi Court Sentences Man to Life in Jail Until Death for Abusing 13-Year-Old Boy

फैसला: शिकारी मानसिकता के गुनहगार की तिहाड़ में कटेगी जिंदगी, 13 वर्षीय किशोर से कुकर्म के दोषी को ताउम्र कैद

Tue, 20 Oct 2026 02:59 PM IST
Sharukh Khan नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 20 Oct 2026 02:59 PM IST
सार

कोर्ट ने 13 वर्षीय किशोर के साथ महीनों तक अप्राकृतिक दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और बाल यौन शोषण के दोषी 42 वर्षीय शमशाद को अंतिम सांस तक तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।  शिकारी मानसिकता के गुनहगार की तिहाड़ में जिंदगी कटेगी।

विज्ञापन
Delhi Court Sentences Man to Life in Jail Until Death for Abusing 13-Year-Old Boy
delhi court - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बच्चे को समोसे, कोल्डड्रिंक और बाइक की सवारी का लालच देकर अपने जाल में फंसाया, फिर महीनों तक उसका यौन शोषण किया। अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जेल में भी साथी बंदियों के साथ जबरदस्ती करने वाले 42 वर्षीय शमशाद को कड़कड़डूमा कोर्ट की विशेष पॉक्सो अदालत ने आखिरी सांस तक जेल में रखने वाली आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन


अदालत ने उसकी शिकारी प्रवृत्ति को समाज के लिए खतरा बताते हुए साफ कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में न तो गरीबी सजा कम करने का आधार बन सकती है और न ही किसी तरह की नरमी बरती जा सकती है। साथ ही, पीड़ित को 10.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है। 
विज्ञापन


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन सूद ने 13 वर्षीय किशोर के साथ महीनों तक अप्राकृतिक दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और बाल यौन शोषण के दोषी 42 वर्षीय शमशाद को अंतिम सांस तक तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

अदालत ने साफ किया कि सलाखों के पीछे रहते हुए भी साथी बंदियों पर जबरदस्ती करने वाले इस आदतन मुजरिम के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती और न ही उसकी गरीबी ऐसे जघन्य अपराध में सजा कम करने की ढाल बन सकती है।

 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी पर 45,000 रुपये का कुल जुर्माना भी लगाया। साथ ही अदालत ने दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना (डीवीसीएस) और दिल्ली हाईकोर्ट के कानूनी सिद्धांतों के तहत पीड़ित लड़के को 10.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। 

बचपन पर आघात और जीवनभर का सदमा 
न्यायाधीश ने कहा कि बच्चे समाज का सबसे कमजोर हिस्सा हैं और उन्हें शोषण व अपराध से बचाना सभी की जिम्मेदारी है। संविधान भी बच्चों को शोषण से सुरक्षित रखने पर जोर देता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि बच्चे के साथ ऐसा अपराध उसके बचपन और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालता है, जिसकी पीड़ा लंबे समय तक बनी रह सकती है।
 

समोसे-कोल्डड्रिंक का लालच देकर बनाया शिकार
मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र का है। साल 2020 में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, दयालपुर एक्सटेंशन निवासी शमशाद (42) ने पहले 13 वर्षीय लड़के से जान-पहचान बढ़ाई। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल की सवारी, समोसे और कोल्डड्रिंक का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। 

 

मुजरिम ने करीब तीन से चार महीने तक किशोर के साथ लगातार अप्राकृतिक कुकर्म किया। इतना ही नहीं, उसने इस घिनौने कृत्य की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपने पास रख लिए और पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो वह वीडियो उसके परिजनों को भेज देगा। मेडिकल जांच में पीड़ित के शरीर पर गंभीर अंदरूनी चोटों की पुष्टि हुई थी।

जेल में भी बंदियों से की थी जबरदस्ती
अदालत में शमशाद के वकील ने गरीबी और सुधार की गुंजाइश के आधार पर कम सजा की मांग की, लेकिन अभियोजन ने उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड पेश किए। आईसीजेएस रिपोर्ट के अनुसार, उस पर धारा 377 और अपहरण के पांच अन्य मामले दर्ज हैं। 2012 में वह एक मामले में दोषी ठहराया गया था। जेल रिकॉर्ड में बंदियों के साथ गलत हरकतों के दो पनिशमेंट टिकट भी दर्ज मिले।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed