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टूलकिट मामला: निकिता जैकब और शांतनु मुलुक की 15 मार्च तक नहीं हो सकेगी गिरफ्तारी
Tue, 09 Mar 2021 09:47 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 09 Mar 2021 09:47 PM IST
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टूलकिट मामले के आरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट मामले में आरोपी मुंबई की अधिवक्ता निकिता जैकब व शांतनु मुलुक की गिरफ्तारी पर 15 मार्च तक के लिए रोक लगा दी है। उसी दिन उनकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई होगी।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष सुनवाई के दौरान दोनों की और से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दिल्ली पुलिस ने अपने जवाब की प्रतियां उनको आज ही दी है। ऐसे में उनको भी अपना पक्ष तैयार करने के लिए समय प्रदान किया जाए।
अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर सुनवाई 15 मार्च तय कर दी। साथ ही अदालत ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी। पुलिस ने जांच जारी रहने का तर्क देकर उनकी जमानत पर आपत्ति जताई है।
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इस मामले में दोनों को मुंबई हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी और समयावधि खत्म होने पर दिल्ली अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है। मुंबई हाईकोर्ट ने निकिता को तीन हफ्तों के लिए तथा शांतनु मुलुक को 10 दिनों की अग्रिम जमानत प्रदान की थी और उन्हें दिल्ली पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।
इसी मामले में आरोपी दिशा रवि को गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल चुकी है। इसी मामले में एक अन्य गोवा के शुभम कर चंदौली को भी आरोपी बनाया गया है। हाई कोर्ट मुंबई हाई कोर्ट में उसको भी दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। वह भी उसी एक संस्था से संबंध रखने का आरोप है जिससे निकिता व शांतनु के है।
दरअसल दिशा की जमानत अर्जी पर अदालत ने पुलिस के तर्क रखते हुए कहा था कि आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और टूलकिट बनाना कोई अपराध नहीं है।
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पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष सुनवाई के दौरान दोनों की और से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दिल्ली पुलिस ने अपने जवाब की प्रतियां उनको आज ही दी है। ऐसे में उनको भी अपना पक्ष तैयार करने के लिए समय प्रदान किया जाए।
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अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर सुनवाई 15 मार्च तय कर दी। साथ ही अदालत ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी। पुलिस ने जांच जारी रहने का तर्क देकर उनकी जमानत पर आपत्ति जताई है।
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इस मामले में दोनों को मुंबई हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी और समयावधि खत्म होने पर दिल्ली अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है। मुंबई हाईकोर्ट ने निकिता को तीन हफ्तों के लिए तथा शांतनु मुलुक को 10 दिनों की अग्रिम जमानत प्रदान की थी और उन्हें दिल्ली पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।
इसी मामले में आरोपी दिशा रवि को गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल चुकी है। इसी मामले में एक अन्य गोवा के शुभम कर चंदौली को भी आरोपी बनाया गया है। हाई कोर्ट मुंबई हाई कोर्ट में उसको भी दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। वह भी उसी एक संस्था से संबंध रखने का आरोप है जिससे निकिता व शांतनु के है।
दरअसल दिशा की जमानत अर्जी पर अदालत ने पुलिस के तर्क रखते हुए कहा था कि आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और टूलकिट बनाना कोई अपराध नहीं है।