डेंगू हुआ जानलेवा: मरीजों में हो रहा रक्तस्त्राव, गंगाराम अस्पताल में सामने आ चुके हैं ऐसे तीन मामले

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 15 Nov 2021 05:45 AM IST

सार

गंगाराम अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ अतुल गोगिया ने बताया कि उनके यहां हाल ही में तीन मरीज रक्तस्त्राव से जुड़े आए हैं। इनके पेट और मांस पेशियों में रक्तस्त्राव हुआ है। इनकी आयु 30 से 60 वर्ष के बीच है।
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मच्छर - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कोरोना वायरस की तरह डेंगू संक्रमण भी इस बार कई गुना अधिक जानलेवा हो चुका है। डेंगू संक्रमण के काफी घातक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। एक दिन पहले ही अपोलो अस्पताल में डेंगू से ठीक होने के बाद मरीज म्यूकर माइकोसिस संक्रमण का शिकार हुआ था लेकिन अब डेंगू मरीजों में रक्तस्त्राव की पुष्टि भी हुई है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में ही ऐसे एक नहीं बल्कि तीन-तीन मरीजों का उपचार किया गया है जिन्हें संक्रमण होने के बाद पेट और मांसपेशियों में रक्तस्त्राव हुआ।
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डॉक्टरों की मानें तो इस स्थिति में समय रहते उपचार मिलना बहुत जरूरी होता है अन्यथा मरीज की जान बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। गौर करने वाली बात है कि डेंगू के उन मरीजों में रक्तस्त्राव देखने को मिला है जिनमें प्लेटलेट्स 50 हजार से अधिक हैं।


आमतौर पर चिकित्सीय पेशे में 20 हजार प्लेटलेट्स तक स्थिति घातक नहीं मानी जाती, लेकिन अगर इस बीच रक्तस्त्राव होता है तो मरीज को तत्काल भर्ती करना जरूरी होता है। अगर दिल्ली एम्स के प्रोटोकॉल को देखें तो यहां 15 हजार प्लेटलेट्स अथवा रक्तस्त्राव होने पर ही मरीज को गंभीर माना जाता है।

समय पर इलाज से बचाई तीनों मरीजों ने जान
गंगाराम अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ अतुल गोगिया ने बताया कि उनके यहां हाल ही में तीन मरीज रक्तस्त्राव से जुड़े आए हैं। इनके पेट और मांसपेशियों में रक्तस्त्राव हुआ है। इनकी आयु 30 से 60 वर्ष के बीच है। मरीजों में पेट में दर्द के साथ डेंगू की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि समय पर निदान और उचित समय पर सहायक उपचार ने मरीजों की जान बचाई।

पहला मामला 2001 में मिला था
उन्होंने बताया कि डेंगू में मांसपेशी हेमेटोमा (रक्तस्त्राव) होना बहुत दुर्लभ है। डेंगू रोगी में मांसपेशी हेमेटोमा के लिए पहला मामला साल 2001 में प्रकाशित हुआ था और उसके बाद इस समस्या पर छिटपुट मामले मिल चुके हैं लेकिन इस सीजन में यह पहली बार देखने को मिल रहा है। 
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