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दिल्ली में लैंड पूलिंग पॉलिसी को लगेंगे पंख: डीडीए बोर्ड ने अतिरिक्त सुविधाओं को जोड़ने वाले प्रस्ताव को दी मंजूरी, केंद्र सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 15 Sep 2021 01:04 AM IST

सार

डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लैंड पूलिंग पॉलिसी में अतिरिक्त सुविधाओं को जोड़ा गया है। इससे यह ज्यादा व्यवहारिक व आकर्षक हो गई है। अब इस प्रस्ताव को अधिसूचित करने के लिए केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके बाद दिल्ली में लैंडपूलिंग पॉलिसी लागू कर दी जाएगी।
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डीडीए द्वारा बनाए गए फ्लैट
डीडीए द्वारा बनाए गए फ्लैट - फोटो : amar ujala
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विस्तार

राजधानी के विकास के लिए लैंड पूलिंग पॉलिसी को पंख लगेंगे। पॉलिसी के तहत प्रस्तावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का बेहतर नेटवर्क तैयार होगा। इसके तहत ज्यादा जोर सार्वजनिक परिवहन पर है। इसमें नजदीकी परिवहन कॉरिडोर को संबंधित क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। वहीं, बिजली, पानी, सीवर एवं साफ सफाई का ढांचा वैश्विक होगा। ऊंची इमारतों में अलग-अलग गतिविधियां चलाने की इजाजत (वर्टिकल मिक्सिंग) दी गई है। उप-राज्यपाल की अध्यक्षता में डीडीए बोर्ड बैठक में मंगलवार को पॉलिसी के तहत अधिसूचित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त विकास नियंत्रक (एडीसी) मानकों को हरी झंडी दिखा दी है। अब इससे जुड़े प्रस्ताव को अधिसूचित करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। 
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जमीन की सीमित उलब्धता को देखते हुए लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए डीडीए दिल्ली में पहली बार वर्टिकल मिक्सिंग पर काम करने जा रहा है। इसमें संबंधित इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों का साथ-साथ चलाने की इजाजत होगी। साथ ही एक ही इमारत में हर तरह की सुविधा मिलेगी। एक छत के नीचे अलग-अलग सुविधाओं को एक साथ लाया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियां चलेंगी। जबकि ऊपरी मंजिलों का इस्तेमाल ऑफिस, आवासीय परिसर, गेस्ट हाउस के तौर पर हो सकेगा। माना जा रहा है कि इससे ऊंचाई में भी जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सकेगा।


एडीसी के तहत प्रस्तावित इलाकों में खुली जगह ज्यादा होगी। साथ ही राहगीरों के लिए बेहतर पैदल पथ बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पहली बार विकास से जुड़ी एजेसियां अपना अधिकार क्षेत्र दूसरी एजेसियों को दे सकेंगी। पॉलिसी के अधीन न्यूनतम 5,000 वर्ग मीटर के आवासीय प्लॉट होना चाहिए। इससे कम आकार का प्लॉट इसके अधीन नहीं होगा। सार्वजनिक प्लाजा और बगीचों के विकास से लोगों को अपने घरों के नजदीक ही आरामदायक जगह मिल सकेगी।

डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लैंड पूलिंग पॉलिसी में अतिरिक्त सुविधाओं को जोड़ा गया है। इससे यह ज्यादा व्यवहारिक व आकर्षक हो गई है। अब इस प्रस्ताव को अधिसूचित करने के लिए केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके बाद दिल्ली में लैंडपूलिंग पॉलिसी लागू कर दी जाएगी।

एफएआर बढ़ाए बिना मिलेगी ज्यादा जगह
एक ही इलाके में अलग-अलग प्लॉट का बगैर एफएआर बढ़ाए सुविधाओं का विकास करना संभव होगा। वहीं, अगर किसी वजह से 60 फीसदी जमीन वापस नहीं की जाती तो जितना हिस्सा मिला है उसमें उपयोगकर्ता 60 फीसदी के एफएआर के हिसाब सुविधाओं का विकास कर सकेगा। शर्तों के अधीन भूमि उपयोग और हस्तांतरणीय विकास अधिकारों (टीडीआर) के विनिमय के माध्यम से सेक्टर स्तर पर लागू एफएआर में परिवर्तन की भी अनुमति दी गई है। सामरिक, हाई इंटेंसिटी मिक्स्ड डेवलेपमेंट, टाइपोलॉजी के संगत मिश्रण को बढ़ावा देने और वॉकेबिलटी को बढ़ावा देने के लिए, स्ट्रेटेजिक वी एम प्लॉटों में सेक्टर में बढ़े हुए खुले स्थान, उपयोग के मिश्रण की अनुमति देने का प्रस्ताव है, जिसमें संपूर्ण एफएआर 400 से अधिक नहीं होना चाहिए। प्लॉट/भवन स्तरीय नियंत्रण के अनुसार 5000 वर्गमीटर के क्लस्टर पर प्लॉट विकास और सामाजिक आधारिक संरचना सुविधाओं को भी समूह आवास प्लॉटों के तहत विकसित करने की अनुमति दी गई है।

जहां झुग्गी, वहीं मकान जल्द मिलेंगे
राजधानी में जहां झुग्गी, वहीं मकान देने की योजना की जल्द शुरूआत होगी। डीडीए के बोर्ड की बैठक में इस योजना के तहत लोगों को फ्लैट देने की स्वीकृति दी। इस योजना के कालकाजी इलाके में फ्लैट बनाए गए हैं।

डीडीए ने कालकाजी एक्सटेंशन में निर्मित ईडब्ल्यूएस आवासों में लगभग 2700 परिवारों वाले भूमिहीन कैंप नामक एक जेजे समूह को पुन:स्थापित करने की अनुमति दी। दरअसल गोविंदपुरी, कालकाजी में तीन जेजे क्लस्टर जवाहरलाल कैंप, नवजीवन कैंप एवं भूमिहीन कैंप में लगभग 8461 झुग्गियां हैं। झुग्गी पुनर्वास के लिए वर्ष 2011 में चरणबद्ध तरीके से एक योजना तैयार की गई थी। पहले चरण में सामुदायिक केंद्र स्थल के लिए निर्धारित लगभग 3.068 हेक्टेयर भूमि पर 3000 ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण किया गया था। कालकाजी एक्सटेंशन में 3024 ईडब्ल्यूएस फ्लैट पूरे होने वाले हैं। इन फ्लैटो का आबंटन पात्र परिवारों को लाभार्थी अंशदान के रूप में 1,12,000 रुपये का भुगतान करने पर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त डीडीए की दो परियोजनाओं के जेजे निवासियों के पुनर्स्थापन के लिए अनुमोदन भी दिया है, इन परियोजनाओं में जीपी ब्लॉक पीतमपुरा, कोहाट एनक्लेव पीतमपुरा और गोल्डन पार्क रामपुरा शामिल है। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद यहां रह रहे लगभग 2068 परिवारों को भलस्वा में ईडब्लयूएस के फ्लैटों में पुन: स्थापित किया जाएगा।

डीडीए के बोर्ड की बैठक में ईदगाह रोड पर मल्टीलेवल कार पार्किंग  बनाने का रास्ता भी साफ किया। यहां पार्किंग बनाने के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन किया। यहां मल्टीलेवल कार पार्किंग के लिए 2.6 हेक्टेयर भूमि के उपयोग का आवासीय (पुनर्विकास) से परिवहन (एमएलसीपी) में परिवर्तन किया। बोर्ड ने आठ जून को बैठक में निर्णय लिया था, लेकिन उसके बाद आम जनता से आपत्ति/सुझाव मांगे थे। अब इसे केंद्र सरकार के पास अधिसूचना जारी करने के लिए     भेजा जाएगा। इस निर्णय से नार्थ एमसीडी और डीएमआरसी को ईदगाह रोड, जोन-ए में मल्टीलेवल कार पार्किंग और नबी करीम मेट्रो स्टेशन के निर्माण में मदद मिलेगी।

द्वारका खेल परिसर को अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा
डीडीए बोर्ड ने द्वारका सेक्टर-19 में खेल परिसर को अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर के रूप में विकसित करने के लिए विकास नियंत्रण मानदंडों को अनुमोदित किया। आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाला अपनी तरह का पहला खेल परिसर होगा और अत्याधुनिक प्रतिष्ठित सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। यह राज्य में खेलों के विकास और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों के प्रदर्शन को दर्शाएगा। इस निर्णय से जनता के लिए खेल सुविधा मिल जाएगी, युवाओं में खेल को प्रोत्साहित किया जा सकेगा, खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और प्रतिस्पर्धा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा प्रदान की जा सकेगी और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए परिसर उपलब्ध हो जाएगा। इसके अलावा यह होटल, रिटेल, कन्वेंशन सेंटर, आवासीय आदि जैसे रियल एस्टेट विकास के साथ मनोरंजन और पर्यटन स्थल भी प्रदान करेगा। वाणिज्यिक सुविधाओं में अन्य सहायक गतिविधियों के अलावा ट्रांजिट अकमोडेशन शामिल होगा।

मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की
डीडीए बोर्ड ने मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बोर्ड ने मास्टर प्लान के मसौदे पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की सुनवाई के लिए डीडीए के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी है और अब इसे अंतिम अधिसूचना के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।

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