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Delhi News: काव्यपाठ के जरिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान
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नई दिल्ली। साहित्य अकादमी एवं इंस्टीट्यूटो सर्वान्तीस के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को सभागार में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत इंस्टीट्यूटो सर्वान्तीस की निदेशक मारिया गिल बर्मन के आरंभिक वक्तव्य से हुई। उन्होंने संस्था की गतिविधियों और भारत में स्पेनिश भाषा के प्रसार के अपने संकल्प पर प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता अंग्रेजी लेखिका मालाश्री लाल ने की। स्पेन से पधारे तीन कवियों ने अपनी मौलिक रचनाएं प्रस्तुत कीं। जिसमें फेलिपे जुआरिस्ती ने बास्क भाषा में अपनी कविता ‘मेट्रोपोलिस’ का पाठ किया। वहीं लौरा जियार्दानी अपनी कविता ‘व्हाट यू टू डू’ प्रस्तुत की और राकेल सान्तानेरा ने कैटलन भाषा में रचित अपनी कविता ‘बाबा’ सुनाई।
भारतीय कवियों अभय के ने अपनी कविता ‘लोर्का एंड आई इन न्यूयॉर्क’ का पाठ किया, जिसका स्पेनी अनुवाद विकाश ने प्रस्तुत किया। वहीं, प्रतिष्ठित लेखिका और कवयित्री लक्ष्मी कण्णन ने नदियों पर केंद्रित अपनी दो कविताएं सरस्वती और कावेरी का भावपूर्ण पाठ किया। वहीं, कार्यक्रम के आरंभ में साहित्य अकादेमी की सचिव पल्लवी प्रशांत होळकर ने सभी अतिथियों एवं कवियों का स्वागत पारंपरिक अंगवस्त्रम और पुस्तकों के साथ किया।
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भारतीय कवियों अभय के ने अपनी कविता ‘लोर्का एंड आई इन न्यूयॉर्क’ का पाठ किया, जिसका स्पेनी अनुवाद विकाश ने प्रस्तुत किया। वहीं, प्रतिष्ठित लेखिका और कवयित्री लक्ष्मी कण्णन ने नदियों पर केंद्रित अपनी दो कविताएं सरस्वती और कावेरी का भावपूर्ण पाठ किया। वहीं, कार्यक्रम के आरंभ में साहित्य अकादेमी की सचिव पल्लवी प्रशांत होळकर ने सभी अतिथियों एवं कवियों का स्वागत पारंपरिक अंगवस्त्रम और पुस्तकों के साथ किया।
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