{"_id":"6022dfc58ebc3ed64b0ddad0","slug":"court-grants-seven-days-remand-to-interrogate-deep-siddhu-ashram-news-noi5647634199","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीप सिद्धू से पूछताछ के लिए पुलिस को मिला सात दिन का रिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीप सिद्धू से पूछताछ के लिए पुलिस को मिला सात दिन का रिमांड
विज्ञापन
नई दिल्ली। अदालत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले में हुई हिंसा व तिरंगे झंडे के अपमान मामले में अभिनेता दीप सिद्धू को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा कि आरोपी पूरे मामले का मुख्य षड्यंत्रकारी है। आरोपी दीप सिद्धू को दोपहर बाद तीस हजारी अदालत स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पी. गुप्ता के समक्ष कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से आरोपी का 10 दिन का रिमांड देने का आग्रह करते हुए बताया कि आरोपी दीप सिद्धू दंगा भड़काने में सबसे आगे था। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ वीडियोग्राफी में काफी साक्ष्य हैं और वह लाठी-डंडे लिए हुए अपने समर्थकों के साथ लाल किले में घुसा था। उसने लोगों को भड़काया जिसके कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत ट्रैक्टर मार्च के दौरान तय रूट एवं नियमों का उल्लंघन किया। लाल किले पर एक एक समुदाय का झंडा फहरा कर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस दौरान हुए दंगे के दौरान लाल किले पर 140 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। आरोपी व उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने के अलावा षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों का पता करना है। उसके सोशल मीडिया हैंडल करने वालों की पड़ताल करनी है। आरोपी को पंजाब व हरियाणा लेकर जाना है ताकि षड्यंत्र की गहराई का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे में उसका रिमांड प्रदान किया जाए।
पुलिस के आग्रह पर अदालत ने वहीं कुछ समय के लिए पूछताछ करने की इजाजत भी दी। उस दौरान दीप सिद्धू से पूछा गया कि उसने लाल किले तक पहुंचने के लिए लोगों को कैसे बुलाया था। उनकी क्या योजना थी। वहीं आरोपी सिद्धू के वकील ने दावा किया कि उसका हिंसा की घटना से कोई लेना-देना नहीं है और वह गलत समय पर गलत जगह पर था।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। सिद्धू घटना के बाद फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली कोई भी सूचना देने पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी थी।
26 जनवरी को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान अवरोधकों को तोड़ कर राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हो गये थे और आईटीओ सहित अन्य स्थानों पर उनकी पुलिस कर्मियों से झड़पें हुई थीं। कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किला पहुंचे थे और ऐतिहासिक स्मारक में प्रवेश कर उसकी प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से आरोपी का 10 दिन का रिमांड देने का आग्रह करते हुए बताया कि आरोपी दीप सिद्धू दंगा भड़काने में सबसे आगे था। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ वीडियोग्राफी में काफी साक्ष्य हैं और वह लाठी-डंडे लिए हुए अपने समर्थकों के साथ लाल किले में घुसा था। उसने लोगों को भड़काया जिसके कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत ट्रैक्टर मार्च के दौरान तय रूट एवं नियमों का उल्लंघन किया। लाल किले पर एक एक समुदाय का झंडा फहरा कर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस दौरान हुए दंगे के दौरान लाल किले पर 140 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। आरोपी व उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने के अलावा षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों का पता करना है। उसके सोशल मीडिया हैंडल करने वालों की पड़ताल करनी है। आरोपी को पंजाब व हरियाणा लेकर जाना है ताकि षड्यंत्र की गहराई का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे में उसका रिमांड प्रदान किया जाए।
पुलिस के आग्रह पर अदालत ने वहीं कुछ समय के लिए पूछताछ करने की इजाजत भी दी। उस दौरान दीप सिद्धू से पूछा गया कि उसने लाल किले तक पहुंचने के लिए लोगों को कैसे बुलाया था। उनकी क्या योजना थी। वहीं आरोपी सिद्धू के वकील ने दावा किया कि उसका हिंसा की घटना से कोई लेना-देना नहीं है और वह गलत समय पर गलत जगह पर था।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। सिद्धू घटना के बाद फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली कोई भी सूचना देने पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी थी।
26 जनवरी को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान अवरोधकों को तोड़ कर राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हो गये थे और आईटीओ सहित अन्य स्थानों पर उनकी पुलिस कर्मियों से झड़पें हुई थीं। कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किला पहुंचे थे और ऐतिहासिक स्मारक में प्रवेश कर उसकी प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया।