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दिल्ली : मरीजों की बढ़ सकती है मुश्किल, एम्स ओपीडी के आगे भी सीमित रहने के आसार
Wed, 09 Feb 2022 01:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Feb 2022 01:02 AM IST
सार
मंगलवार को एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना को देखते हुए सभी विभागों से यह जानकारी मांगी गई है कि एक दिन में वे कितने नए और कितने पुराने मरीजों को चिकित्सीय सलाह दे सकते हैं? विभागवार जानकारी एकत्रित होने के बाद प्रबंधन की बैठक होगी और उसके आधार पर आगे तय होगा कि एम्स ओपीडी में सीमित संख्या के साथ चिकित्सीय परामर्श जारी रहेगा।
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एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल
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विस्तार
गैर संक्रमित मरीजों को आगामी दिनों में और मुश्किलें आ सकती हैं। दिल्ली एम्स की ओपीडी को आगामी दिनों में भी सीमित संख्या के साथ रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सभी नए मरीजों का एम्स में पंजीयन हो पाना भी मुश्किल हो सकता है।
मंगलवार को एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना को देखते हुए सभी विभागों से यह जानकारी मांगी गई है कि एक दिन में वे कितने नए और कितने पुराने मरीजों को चिकित्सीय सलाह दे सकते हैं? विभागवार जानकारी एकत्रित होने के बाद प्रबंधन की बैठक होगी और उसके आधार पर आगे तय होगा कि एम्स ओपीडी में सीमित संख्या के साथ चिकित्सीय परामर्श जारी रहेगा।
दरअसल कोरोना की नई लहर आने के बाद बीते सात जनवरी से एम्स में गैर कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक थी। साथ ही ऑपरेशन भी टालने पड़े थे। बीते सप्ताह एम्स प्रबंधन ने इन निर्देशों में बदलाव करते हुए भर्ती से रोक भी हटा ली लेकिन इस दौरान ओपीडी के संचालन पर लगी शर्तों को वापस नहीं लिया है।
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फिलहाल स्थिति यह है कि एम्स में नए मरीजों को पंजीयन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पुराने मरीजों को फॉलोअप के तौर पर अपॉइनमेंट मिल रहा है। इसकी वजह से एम्स परिसर में मरीजों की संख्या में भी पिछले कई दिनों से कमी देखने को मिल रही है।
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मंगलवार को एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना को देखते हुए सभी विभागों से यह जानकारी मांगी गई है कि एक दिन में वे कितने नए और कितने पुराने मरीजों को चिकित्सीय सलाह दे सकते हैं? विभागवार जानकारी एकत्रित होने के बाद प्रबंधन की बैठक होगी और उसके आधार पर आगे तय होगा कि एम्स ओपीडी में सीमित संख्या के साथ चिकित्सीय परामर्श जारी रहेगा।
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दरअसल कोरोना की नई लहर आने के बाद बीते सात जनवरी से एम्स में गैर कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक थी। साथ ही ऑपरेशन भी टालने पड़े थे। बीते सप्ताह एम्स प्रबंधन ने इन निर्देशों में बदलाव करते हुए भर्ती से रोक भी हटा ली लेकिन इस दौरान ओपीडी के संचालन पर लगी शर्तों को वापस नहीं लिया है।
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फिलहाल स्थिति यह है कि एम्स में नए मरीजों को पंजीयन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पुराने मरीजों को फॉलोअप के तौर पर अपॉइनमेंट मिल रहा है। इसकी वजह से एम्स परिसर में मरीजों की संख्या में भी पिछले कई दिनों से कमी देखने को मिल रही है।