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नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश
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नई दिल्ली। नामी जॉब पोर्टल और वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का डाटा खरीदकर उनको नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग का शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में गैंग के सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सरगना हेमंत कोहली, टेलीकॉलर विनय कुमार, दीपाली, प्रियंका, श्वेता, शिवकांति और स्मृति के रूप में हुई। इन लोगों ने तिलक नगर में फर्जी कॉल सेंटर खोला हुआ था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि पिछले चंद दिनों में आरोपियों ने करीब 150 लोगों से 20 लाख से अधिक की रकम ठग ली है। आरोपियों के पास से आठ कॉलिंग डिवाइस, दो लैपटॉप, चार डेबिट कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है। माना जा रहा है कि इन लोगों ने देशभर के कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल पर प्रतिज्ञा चड्डा नामक युवती ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसने www.shine.com पर अध्यापक की नौकरी के लिए बायोडाटा भेजा था। कुछ ही दिन बाद उसके मोबाइल पर कॉल आई और कॉलर ने खुद को डीपीएस से बताकर उसका बायोडाटा नौकरी के लिए शॉर्ट लिस्ट होने की बात की। कॉलर ने उसे एक लिंक www.dpsjobs.in भेजकर उस पर 100 रुपये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भेजने की बात की। पीड़िता लिंक खोलकर उस पर रुपये डालने लगी, लेकिन उसके खाते से 30 हजार रुपये कट गए। इसके बाद कॉलर का मोबाइल बंद हो गया। शिकायत मिलने के बाद शाहदरा जिला साइबर सेल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले उस नंबर की जांच की, जिससे कॉल आई थी। उसके बाद जिस खाते में रुपये गए थे, उसकी जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम ने पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर से गैंग सरगना हेमंत कोहली समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सरगना ने बताया कि उसने फर्जी आईडी पर बैंक अकाउंट खोले हुए हैं। उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर करा निकाली जाती है। गैंग सरगना हेमंत कोहली पहले भी हिमाचल प्रदेश में इसी तरह के अपराध के लिए गिरफ्तार हो चुका है।
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10 हजार में खरीदते थे बेरोजगारों का डाटा
आरोपी हेमंत ने बताया कि बैंक अकाउंट के लिए फर्जी आईडी पर सिमकार्ड का इंतजाम किया हुआ था। जॉब दिलाने वाली वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का पांच दिन का डाटा 10 हजार में खरीदता था। इसके बाद उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को लिंक शेयर कर उसमें रजिस्ट्रेशन फीस के रुपये डालने के लिए कहा जाता था। लिंक के जरिये आरोपी पीड़ितों का मोबाइल हैक कर लेते थे। इसके बाद बड़े आराम से उनके फोन में होने वाली गतिविधि को देखकर खाते से रकम निकाल लेते थे।
बना रखी हैं कई फर्जी वेबसाइट
आरोपी हेमंत ने कई फर्जी वेबसाइट जैसे www.dpsjobs.in की तरह अलग-अलग कंपनियों की वेबसाइट बनाई हुई है। बायोडाटा के आधार पर पीड़ित को उसी कंपनी का लिंक भेजा जाता था। लिंक शेयर करने के बाद नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपये डालने की बात कही जाती थी। असल में यह लिंक मोबाइल के लिए एनीडेस्क का होता था। लिंक के जरिये पीड़ित के रुपये डालते ही आरोपी उसका पासवर्ड और कार्ड की डिटेल देखकर रकम निकाल लेते थे।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल पर प्रतिज्ञा चड्डा नामक युवती ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसने www.shine.com पर अध्यापक की नौकरी के लिए बायोडाटा भेजा था। कुछ ही दिन बाद उसके मोबाइल पर कॉल आई और कॉलर ने खुद को डीपीएस से बताकर उसका बायोडाटा नौकरी के लिए शॉर्ट लिस्ट होने की बात की। कॉलर ने उसे एक लिंक www.dpsjobs.in भेजकर उस पर 100 रुपये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भेजने की बात की। पीड़िता लिंक खोलकर उस पर रुपये डालने लगी, लेकिन उसके खाते से 30 हजार रुपये कट गए। इसके बाद कॉलर का मोबाइल बंद हो गया। शिकायत मिलने के बाद शाहदरा जिला साइबर सेल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले उस नंबर की जांच की, जिससे कॉल आई थी। उसके बाद जिस खाते में रुपये गए थे, उसकी जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
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जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम ने पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर से गैंग सरगना हेमंत कोहली समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सरगना ने बताया कि उसने फर्जी आईडी पर बैंक अकाउंट खोले हुए हैं। उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर करा निकाली जाती है। गैंग सरगना हेमंत कोहली पहले भी हिमाचल प्रदेश में इसी तरह के अपराध के लिए गिरफ्तार हो चुका है।
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10 हजार में खरीदते थे बेरोजगारों का डाटा
आरोपी हेमंत ने बताया कि बैंक अकाउंट के लिए फर्जी आईडी पर सिमकार्ड का इंतजाम किया हुआ था। जॉब दिलाने वाली वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का पांच दिन का डाटा 10 हजार में खरीदता था। इसके बाद उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को लिंक शेयर कर उसमें रजिस्ट्रेशन फीस के रुपये डालने के लिए कहा जाता था। लिंक के जरिये आरोपी पीड़ितों का मोबाइल हैक कर लेते थे। इसके बाद बड़े आराम से उनके फोन में होने वाली गतिविधि को देखकर खाते से रकम निकाल लेते थे।
बना रखी हैं कई फर्जी वेबसाइट
आरोपी हेमंत ने कई फर्जी वेबसाइट जैसे www.dpsjobs.in की तरह अलग-अलग कंपनियों की वेबसाइट बनाई हुई है। बायोडाटा के आधार पर पीड़ित को उसी कंपनी का लिंक भेजा जाता था। लिंक शेयर करने के बाद नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 रुपये डालने की बात कही जाती थी। असल में यह लिंक मोबाइल के लिए एनीडेस्क का होता था। लिंक के जरिये पीड़ित के रुपये डालते ही आरोपी उसका पासवर्ड और कार्ड की डिटेल देखकर रकम निकाल लेते थे।