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दिल्ली दंगा: सीएए विरोधी प्रदर्शन था धर्मनिरपेक्ष, आरोपपत्र सांप्रदायिक - खालिद

Wed, 03 Nov 2021 01:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:06 AM IST
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Anti-CAA protest was secular, chargesheet communal: Khalid
नई दिल्ली। जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने मंगलवार को अदालत से कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शन धर्मनिरपेक्ष था। हालांकि दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में दायर आरोपपत्र सांप्रदायिक था और पुलिस ने खुद की अपनी एक कहानी को गढ़ दिया। उमर खालिद की जमानत याचिका पर उसकी ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पायस ने दलील दी।
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उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में खालिद समेत कई लोगों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं पुलिस ने खालिद पर दंगे का ‘मास्टरमाइंड’ होने के आरोप लगाया। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से अधिक जख्मी हुए थे।
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कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष खालिद की जमानत याचिका पर बहस करते हुए पायस ने कहा कि आरोपपत्र पुलिस की ओर से गढ़ी गई कहानी थी। जांच अधिकारी इस कहानी के पटकथा लेखक रहे और हकीकत में भी एक उपन्यास लिखा।
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खालिद के खिलाफ दिल्ली पुलिस के आरोपों का विरोध करते हुए पायस ने अदालत को बताया कि न तो कोई बरामदगी हुई और न ही वह दिल्ली में मौजूद था। न तो हिंसा के लिए जिम्मेवार था और न ही फंडिंग के सबूत मिले। दंगे के कई दिनों बाद बयान तैयार कर मामला दर्ज किया गया था। महज कॉल डिटेल्स के मुताबिक दूसरे आरोपियों के लोकेशन के साथ मिलान करने पर खालिद को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीएए के विरोध का जिक्र करते हुए पायस ने कहा कि इस मामले में एक भी गवाह ने यह नहीं कहा कि महिलाओं का शोषण किया गया था। वास्तव में विरोध प्रदर्शन में कई क्षेत्रों के कई प्रबुुद्ध और शिक्षित लोग थे जो आरोपी नहीं हैं। यह विरोध धर्मनिरपेक्ष था मगर आरोपपत्र सांप्रदायिक है। अगर दिल्ली पुलिस एक निष्पक्ष जांच करती तो किसी अन्य मामले के आरोपपत्र से ‘टुकड़े-टुकड़े’ शब्द को इस मामले से नहीं जोड़ा जाता।

अगर आपके पास एक राजनीतिक व्यक्ति है जो राज्य के खिलाफ बोलता है और आप उसे फंसाना चाहते हैं। ऐसे में झूठी और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई। खालिद निर्दोष है और उसने कुछ नहीं किया। यह भी आरोप लगे थे कि खालिद ने, जेएनयू के छात्र शरजील इमाम व अन्य ने शाहीन बाग इलाके में सड़कों को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया था।
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