{"_id":"62c6300efc0c4571b7664947","slug":"a-glimpse-of-progressive-india-culture-and-history-will-be-seen-in-new-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News : नई दिल्ली में जगह-जगह दिखाई देगी प्रगतिशील भारत, संस्कृति और इतिहास की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News : नई दिल्ली में जगह-जगह दिखाई देगी प्रगतिशील भारत, संस्कृति और इतिहास की झलक
Thu, 07 Jul 2022 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Jul 2022 06:29 AM IST
सार
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने आर्ट विद हार्ट योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से कई स्थानों पर थीम आधारित मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई दिल्ली इलाके के चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों पर 75 वर्षों के प्रगतिशील भारत, संस्कृति और उपलब्धियों का गौरवशाली इतिहास दिखाई देगा। इन स्थानों पर भारतीय संस्कृति, विरासत आदि की कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने आर्ट विद हार्ट योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से इन स्थानों पर थीम आधारित मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
इस संबंध में एनडीएमसी को दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) की मंजूरी मिल चुकी है। उसने इस योजना को इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। एनडीएमसी के अनुसार, कलाकृतियां स्थापित करने के लिए साहित्य कला परिषद के सहयोग से एक स्कल्पचर्स कैंप का आयोजन होगा। इस दौरान 12 प्रसिद्ध मूर्तिकार 12 काले संगमरमर से मूर्तियां तैयार करेंगे।
विज्ञापन
ये कलाकार 75 वर्षों के प्रगतिशील भारत, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित करने का प्रयास करेंगे। वहीं, भारतीय संस्कृति, विरासत और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर अपनी कलाकृतियों को मूर्त रूप देंगे। सभी कलाकृतियां छह से आठ फीट के आकार की होंगी। इन्हें नई दिल्ली इलाके के चौराहों और प्रमुख स्थलों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
विज्ञापन
साहित्य कला परिषद मूर्तिकला शिविर के लिए मूर्तिकला के कलाकारों की व्यवस्था करने के साथ-साथ पत्थर और औजारों की खरीद, क्यूरेटर, समन्वयकों आदि कार्यों की भी व्यवस्था करेगी। एनडीएमसी आयोजन स्थल, क्रेन की सुविधा, निर्धारित स्थल पर मूर्तियां लगाने, डीयूएसी, एनजीटी आदि प्राधिकरणों के अधिकारियों से अनुमति की व्यवस्था करेगा। एनडीएमसी का मानना है कि मूर्तिकला को प्रतिनिधित्वात्मक कला के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।
विकसित होंगे हेपिनेस इलाके
एनडीएमसी ने इलाके में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए कई जगह का हेपिनेस इलाके के तौर विकास करने का निर्णय लिया है। वह रोज गार्डन, रेल भवन, ताज मान सिंह होटल के निकट चौराहे आदि अन्य प्रमुख स्थानों को सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करेगा। यह कार्य कोविड-19 के कारण प्रभावित हो गया था। अब इस कार्य को वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अभी तक वह एम्स चौराहे व नेहरू पार्क को हैप्पीनेस एरिया के तौर पर विकसित कर चुकी है। जनपथ और मोती लाल नेहरू मार्ग के जंक्शन पर यार्क प्लेस सर्कल को हैप्पीनेस इलाकों के तौर पर विकसित किया जा रहा है।